उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के नए अध्यक्ष लाल बिहारी पांडेय ने सोमवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने अभी तक बतौर कार्यवाहक यह जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. रामवीर यादव से कार्यभार ग्रहण किया। लाल बिहारी पूर्व में यहां सचिव भी रह चुके हैं। इसलिए आयोग की कार्य पद्धति से वह अवगत हैं, लेकिन बदले परिवेश और वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रिया पूरी करना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।
आयोग में वर्षों से कोई भर्ती नहीं हुई नहीं है। पूर्व में दो भर्तियों के लिए आवेदन मांगा गया था, लेकिन उन्हें निरस्त कर नए सिरे से भर्ती का निर्णय लिया गया है। आयोग में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1652 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया डेढ़ साल से चल रही है। लिखित परीक्षा हो चुकी है, लेकिन रिजल्ट का इंतजार है। इस भर्ती को लेकर भी अलग-अलग बिंदुओं पर 57 याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं। तीन सदस्यों की योग्यता और नियुक्ति पर भी सवाल उठ रहे हैं। हाईकोर्ट ने इस बाबत सरकार से जवाब मांगा है।
रिजल्ट में देरी के पीछे ये विवाद ही मुख्य कारण हैं। ऐसे में नए अध्यक्ष के सामने बिना किसी नए विवाद के भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की चुनौती है। हालांकि, कार्यभार ग्रहण करने के बाद अध्यक्ष ने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि जल्द रिजल्ट घोषित कर साक्षात्कार कराने की कोशिश होगी। उन्होंने ने कहा कि नई भर्ती की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।