उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का गड़बड़ियों और विवादों से नाता टूटता नहीं दिख रहा। अब प्रवक्ता भर्ती में अलग-अलग विषयों के प्रश्न पत्र में एक ही प्रश्न के दो जवाब सही माने जाने की बात सामने आई है। ऐसे में सवाल खड़ा हो गया है कि आयोग ने आखिर किन जवाबों को सही मानकर रिजल्ट घोषित किए हैं। इससे पूर्व में घोषित परिणाम पर भी सवाल खड़ा हो गया है।
प्रवक्ता बीएड के अभ्यर्थियों ने सामान्य अध्ययन के 12 प्रश्नों के जवाब पर आपत्ति जताई है। इसकी उत्तर कुंजी दो दिसंबर को जारी की गई थी। खास यह कि आयोग की ओर से प्रवक्ता भर्ती के ही अन्य 15 विषयों की उत्तर कुंजी कई चरणों में मार्च से अक्तूबर के बीच जारी की गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले साल 27 दिसंबर को हुई परीक्षा में सभी विषयों के पेपर में सामान्य अध्ययन के प्रश्न समान थे। बस उनके क्रम बदले हुए थे। गौर करने वाली बात यह है कि आयोग की ओर जारी उत्तर कुंजी में कई प्रश्नों के अलग-अलग जवाब सही माने गए हैं। इसमें शांति का नोबेल पुरस्कार पाने वाले भारतीय का नाम, भूकंप मापने की मानक, पानी की तीव्रता आदि सवाल हैं। उसी आधार पर आयोग ने पांच विषयों के अंतिम परिणाम भी घोषित कर दिए हैं तो 12 विषयों के अभ्यर्थियों के डाक्यूमेंट सत्यापना की प्रक्रिया शुरू है।
भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के कौशल सिंह, अमरेंदु सिंह का कहना है कि इससे रिजल्ट पर भी सवाल खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि पूरे मामले को हाईकोर्ट में रखा जाएगा। प्रतियोगियों ने इस तरह की गड़बड़ियों को दूर करने के लिए पेपर सेटर, मॉडरेशन आदि के योग्य और विशेषज्ञ शिक्षकों का पैनल बनाने की भी मांग की।