इलाहाबाद हाईकोर्ट की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही सामने आई है। सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किए गए दमकलकर्मियों की लापरवाही की वजह से हाईकोर्ट परिसर के बाहर खड़ी दो कारें जलकर राख हो गईं। अचानक जब यह घटना हुई और आग बुझाने की कोशिश की गई तो मौके पर मौजूद दमकल की गाड़ी ही दगा दे गई।
गाड़ी से पानी ही नहीं निकला जिससे कुछ ही देर में कारें स्वाहा हो गईं। इस मामले में प्रथमदृष्टया लापरवाही बरतने के आरोप में दो फायरकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ जांच भी शुरू करा दी गई है। इसके अलावा मुख्य अग्निशमन अधिकारी की भूमिका की भी जांच का आदेश दिया गया है।
घटना बुधवार दोपहर करीब 2.35 बजे हुई। हाईकोर्ट परिसर के गेट नंबर एक के पास खड़ी एक कार में अचानक आग लग गई। कुछ ही देर में आग कार में चारों तरफ फैल गई और उससे लपटें उठने लगीं तो आसपास मौजूद लोगों ने शोरगुल मचाया। इस पर हाईकोर्ट सुरक्षा ड्यूटी में तैनात किए गए दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाना चाहा। वह हौजपाइप खोलकर आग से घिरी कार तक ले गए लेकिन उससे पानी ही नहीं निकला।
दमकल का पंप स्टार्ट ही नहीं हो सका जिससे आग ने पास ही खड़ी दूसरी कार को भी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में दूसरी कार भी आग से घिर गई और इसकेबाद दोनों कारें धू-धूकर जलने लगीं। सूचना पर फायर स्टेशन से दूसरा फायरटेंडर लेकर दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। लेकिन जब तक आग पर काबू पाया जाता, दोनों कारें जलकर राख हो चुकी थीं। दोनों वाहन हाईकोर्ट में तैनात समीक्षा अधिकारी कनिष्क सिंह व दीपक राय की बताई जा रही हैं।
गायब था चालक, दरोगा नहीं चला पाया पंप
उधर इस मामले में यह बात सामने आई कि घटना के वक्त दमकल की गाड़ी का चालक आरक्षी राजबली ड्यूटी से गायब था। ऐसे में फायर सर्विस के सेकंड ऑफिसर एसआई अवध नारायण फायर टेंडर ऑपरेट कर रहा था। लेकिन वह पंप ही नहीं स्टार्ट कर पाया। एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि दोनों को निलंबित कर दिया गया है। सीएफओ की भी भूमिका की जांच की जा रही है। मामले की जांच एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह को सौंपी गई है।