इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक और शहर उत्तर से कांग्रेस प्रत्याशी अनुग्रह नारायण सिंह की ओर से दाखिल चुनाव याचिका पर विधायक हर्षवर्धन वाजपेई को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने मामले में विधायक को जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका की सुनवाई 18 जुलाई को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजवीर सिंह ने दिया है। कोर्ट ने पंजीकृत डाक सहित महानिबंधक द्वारा चिह्नित अखबारों में नोटिस प्रकाशित करने का निर्देश दिया है।
याचिका के जरिये चुनाव रद करने की मांग की गई है। याचिका में विधायक वाजपेई पर चुनाव आयोग को अपनी शैक्षिक योग्यता, संपत्ति, बैंक लोन को लेकर झूठा हलफनामा दाखिल करने का आरोप लगाया गया है। याची का कहना है कि विपक्षी ने सरकारी संपत्ति को अपनी संपत्ति बताया है और 22 करोड़ की संपत्ति को साढ़े तीन करोड़ दिखाया है।
यह भी आरोप है कि इस वर्ष चुनाव में पिछले 2017 के विधान सभा चुनाव से भिन्न जानकारी दी गई है। लोन बकाया है किंतु बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से अदेय प्रमाणपत्र प्राप्त किया है। साथ ही एक ही साल में दो डिग्रियां हासिल की हैं, जो करप्ट प्रैक्टिस की श्रेणी में आता है। याचिका में झूठा हलफनामा दाखिल करने के कारण चुनाव रद करने की मांग की गई है। ब्यूरो