कमांड ऑफिसर बरेली को नोटिस जारी, कोर्ट ने पूरी जानकारी पेश करने का निर्देश भी दिया
प्रयागराज। एक साल से ड्यूटी से लापता हुए सेना के सिपाही के संबंध में हाईकोर्ट ने पुलिस और सेना के अधिकारियों से जानकारी मांगी है। लापता सिपाही के पिता ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिख कर मदद की गुहार लगाई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गांधी-शास्त्री जयंती की छुट्टी होने के बावजूद मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर ने अदालत लगाई और लापता सिपाही के पिता के पत्र को बंदीप्रत्यक्षीकरण याचिका मानते हुए कमांड ऑफिसर मिलिट्री पुलिस कैंट बरेली से लापता सिपाही के बारे में जानकारी तलब की है। याचिका की अगली सुनवाई 14 अक्तूबर को होगी। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने दामोवल होशियारपुर पंजाब के निवासी उपदेश सिंह के पत्र पर कायम बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
लापता सिपाही के पिता ने पत्र में लिखा है कि 28 पंजाब रेजीमेंट पिथौरागढ़ में तैनात सिपाही रजत सिंह को अवैध तरीके से कर्नल रिटायर्ड एके दुबे के बरेली आवास पर भेजा गया। 28 जुलाई 18 से उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। वह लापता है। पिता की फरियाद नहीं सुनी गई। लापता होने के एक साल बाद 30 जुलाई 19 को थाना कैंट, बरेली में एफआईआर दर्ज हुई। किंतु पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है, कोई कार्यवाही नहीं की गयी। सैनिक के पिता ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर अपने बेटे का पता लगाने की गुहार लगायी है। राज्य सरकार के अपर शासकीय अधिवक्ता सैयद अली मुर्तजा ने कोर्ट को बताया कि मिलिट्री पुलिस के कमांड ऑफिसर को लिखा गया कि लांस नायक बलवंत सिंह को पुलिस स्टेशन पूछताछ के लिए भेजे, किंतु कोई सहयोग नहीं किया गया। इस पर कोर्ट ने कमांड ऑफिसर मिलिट्री पुलिस कैंट बरेली को नोटिस जारी कर मुख्यालय से लापता सिपाही के बारे में 14 अक्तूबर को जानकारी पेश करने का निर्देश दिया है।