शक्तिपीठों में पूजन, अभिषेक और शृंगार दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
प्रयागराज। शारदीय नवरात्र के तहत चौथे दिन बुधवार को देवी के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा अर्चना की गई। जयकारों के बीच मंदिरों, शक्तिपीठों में पूजन, अभिषेक के साथ ही शृ़ंगार दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। घरों और मंदिरों में दुर्गा, विंध्यवासिनी चालीसा के साथ दुर्गा स्त्रोत, दुर्गासप्तशती पाठ, शतचंडी पाठ हुए। घरों, शक्तिपीठों में भजन संध्या में देवीगीतों की गूंज रही। नवरात्र की तिथियां आगे बढ़ने के साथ ही मंदिरों के इर्द-गिर्द माला-फूल, पूजन सामग्री, चुनरी आदि बेचने वालों की दुकानों की संख्या भी बढ़ी।
मीरापुर स्थित महाशक्तिपीठ ललिता देवी में गेंदा, गुलाब के फूलों के साथ चांदी के दरबार में सोने के आभूषणों से भगवती का कूष्मांडा स्वरूप में शृंगार किया गया जिसके दर्शन का क्रम देर रात तक चला। परिसर की सजावट फूलों और बिजली के रंगीन झालरों से की गई। समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा, महामंत्री धीरज नागर, मेला संयोजक महेंद्र मालवीय आदि की देखरेख में पूजन और भंडारे की व्यवस्था की गई।
शक्तिपीठ कल्याणी देवी में अध्यक्ष सुशील पाठक और महामंत्री श्यामजी पाठक की देखरेख में हुए भगवती के दरबार का सोनू, ईश, पवन सिंह आदि की ओर से फूलों से आकर्षक शृंगार किया गया। वाराणसी और वृंदावन से आए कलाकारों ने आकर्षक वस्त्रों से देवी दरबार सजाया। मंदिर में हलुआ-पूड़ी का भोग लगा।
अलोपीबाग स्थित शक्तिपीठ अलोपशंकरी में भी दर्शन,अभिषेक और देवी को निशान चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी रहा। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में अपने बच्चों के मुंडन, कर्णछेदन संस्कार कराए। चौक गंगादास स्थित खेमामाई मंदिर में कंचन मालवीय की देखरेख में देवी का लाल और सफेद फूलों से नवदुर्गा स्वरूप में शृंगार किया गया।
इसी क्रम में कटरा कालीबाड़ी, कर्नलगंज कालीबाड़ी, मुट्ठीगंज कालीबाड़ी, सिविल लाइंस हनुमत निकेतन की देवी दुर्गा, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर की अष्टभुजी देवी, पानी टंकी मंदिर की अष्टभुजी देवी सहित अन्य देवी मंदिरों में भी देवी के दर्शन, पूजन और उन्हें नारियल-चुनरी चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं के आने का क्रम बना रहा।