फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Allahabad highcourt: सेवानिवृत्त कर्मचारी से नहीं की जा सकती अधिक भुगतान की वसूली

Thu, 01 Sep 2022 12:36 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
विज्ञापन
allahabad high court - फोटो : social media
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीएसी कमांडेंट गाजियाबाद के अधिक वेतन भुगतान की वसूली के आदेश को रद्द करते हुए छह सप्ताह में याची को बकाये का भुगतान करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी ने सुभाष सिंह की याचिका पर दिया। याचिका पर अधिवक्ता बीएन सिंह राठौर ने बहस की।
विज्ञापन


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि रफीक मसीह केस में स्थापित विधि सिद्धांत के मुताबिक सेवानिवृत्त कर्मचारी से अधिक वेतन भुगतान की वसूली नहीं की जा सकती। याची 31 जुलाई 20 को सेवानिवृत्त हुआ और एक नवंबर 20 को गलत वेतनमान निर्धारण के आधार पर वसूली आदेश जारी किया गया। वेतन निर्धारण में याची की कोई भूमिका नहीं थी।

याची पूर्व सैनिक है। 1998 में पीएसी में नियुक्त हुआ। समय-समय पर वेतनमान का निर्धारण होता रहा। दो फरवरी 18 को नोटिस मिली कि गलत वेतन निर्धारण के कारण अधिक भुगतान किया गया है। सफाई दें कि क्यों न वसूली की जाय।
विज्ञापन


याची ने जवाब दिया कि उसकी वजह से अधिक वेतन भुगतान नहीं हुआ है। इसी बीच वह सेवानिवृत्त हो गया और उसके जवाब पर विचार किए बिना वसूली आदेश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने रफीक मसीह केस में सेवानिवृत्ति के बाद विभाग की गलती से हुए अधिक भुगतान की वसूली को ग़लत करार दिया है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें