इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना कानूनी कार्यवाही के प्रशासनिक अर्जी पर विवादित भूमि की यथा स्थिति बरकरार रखने का आदेश देने पर एसडीएम नरवल कानपुर नगर आयुष चौधरी से स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि उनके समक्ष धारा 145ए या धारा 133 सीआरपीसी या राजस्व संहिता के तहत कोई वाद विचाराधीन नहीं है तो किस कार्यवाही में उन्होंने यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने सुरेंद्र सिंह की याचिका पर दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि जिलाधिकारी की भी जवाबदेही है कि उनके मातहत अधिकारी ने ऐसा आदेश कैसे जारी किया है। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर सफाई देने का निर्देश दिया है और कहा है कि हलफनामा नहीं दिया तो उन्हें हाजिर होना होगा। कोर्ट ने कहा है कि प्रथम दृष्टया एसडीएम नरवल का आदेश अवैध है। शक्ति का दुरुपयोग है व सेवा कदाचार की श्रेणी में आता है।
कोर्ट ने अधिकारियों को नोटिस जारी कर 17 जून तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। नोटिस मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के मार्फत तामील की जाएगी। कोर्ट ने विवादित जमीन की यथास्थिति बरकरार रखने के एसडीएम के आदेश को निलंबित कर दिया है तथा पुलिस कमिश्नर व एसएचओ नरवल को एसडीएमके आदेश पर अमल करने पर रोक लगा दी है।