पहली मार्च से इलाहाबाद हाईकोर्ट में लॉक डाउन की पूर्व की स्थिति में काम काज सामान्य तरीके से शुरू कर दिया जाएगा। हाईकोर्ट परिसर स्थित सभी काउंटर खोल दिए जाएंगे। सभी जजों और कार्यालयों के स्टॉफ की भी पूर्व की भॉति उपस्थिति जरूरी होगी। फोटो एफिडेविट सेंटर भी काम करना शुरू कर देगा। अधिवक्ता अपने चैंबर खोल सकेंगे तथा सामान्य दिनों की तरह ड्रेस पहन कर मुकदमा बहस कर सकेंगे। मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने इसे लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। हालांकि इस दौरान कोविड-19 को लेकर सभी एहतियात बरते जाएंगे और केंद्र व राज्य सरकार तथा हाईकोर्ट की गाइड लाइन का पालन सख्ती से करना होगा।
कोराना के कारण देश की दूसरी तमाम संस्थाओं की तरह इलाहाबाद हाईकोर्ट का कामकाज भी प्रभावित हुआ है। लगभग एक साल से सामान्य तरीके से काम नहीं हो पा रहा था। इधर संक्रमण में कमी को देखते हुए एक मार्च से पूर्व की व्यवस्था लागू करने का हाईकोर्ट प्रशासन ने निर्णय लिया है। इसके तहत हाईकोर्ट का पूरा स्टॉफ सामान्य दिनों की तरह ही कोर्ट आएगा।
मुकदमों का दाखिला भी हाईकोर्ट के रिपोर्टिंग सेक्शन में पूर्व की भॉति किया जाएगा। सूचीबद्ध मुकदमों में अर्जेंसी अर्जी देने की आवश्यकता नहीं होगी। ई फाइलिंग और वीडियो कांफ्रेंसिंग से मुकदमो की सुनवाई की भी व्यवस्था होगी। इसके लिए दिन पहले ई मेल के जरिए अनुरोध भेजना होगा। हाईकोर्ट के सभी गेट पूर्व की भॉति ही खोले जाएंगे।
मगर इस दौरान कोरोना से बचाव के लिए सुरक्षा के सभी मानकों को पूरा करना होगा। उन्हीं वकीलों को कोर्ट में आने के लिए कहा गया है जिनके मुकदमे लगे हैं। वादकारियों को प्रवेश फिलहाल नहीं दिया जाएगा। फाइलें सेनिटाइजेशन के बाद ही कोर्ट में भेजी जाएंगी। मास्क पहनना और सोशल डिस्टेसिंग का पालन अनिवार्य होगा। सीएमओ प्रयागराज और लखनऊ को दोनों पीठों में व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए कहा गया है।