याची की मां, अशोक शुक्ला व शिकायतकर्ता की भागीदारी फर्म है। मां व अशोक शुक्ला ने आर्बिट्रेशन के लिए अर्जी दी। जिला जज ने 22 फरवरी 2021 के फैसले में भागीदारी फर्म माना है। शिकायतकर्ता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति विनीत सरन आर्बीट्रेटर है। फर्म पर कब्जे का आरोप झूठा है।
याची का कहना था कि शिकायतकर्ता खुद फर्म की संपत्ति बेच रहा है। उसने छह करोड़ खाते से निकाल लिए हैं। शिकायतकर्ता ने जो चेक दिया था उनमें से चार के अनादर होने कर केस चल रहा है। प्राथमिकी में मुख्य आरोपी याची के पिता हैं। उस पर कोई आरोप नहीं है। उसके खाते में पैसे फर्म से स्थानांतरित हुए हैं। उसने फर्म से पैसे नहीं निकाले हैं। शिकायतकर्ता पर 10 आपराधिक केसों का इतिहास है। जिस पर कोर्ट ने सशर्त जमानत पर रिहाई का आदेश दिया है।