जिला अदालत ने अटाला में पिछले वर्ष जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल में सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के मामले में जावेद पंप की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
जिला अदालत ने अटाला में पिछले वर्ष जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल में सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के मामले में जावेद पंप की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) वीरेंद्र सिंह ने कहा कि याची की मन:स्थिति से स्पष्ट है कि उसने ऐसा जानबूझकर किया। लिहाजा, वह जमानत पाने का हकदार नहीं है।
याची की ओर से कहा गया कि मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट 32 घंटे बाद दर्ज कराई गई है। इसका कोई स्पष्टीकरण नहीं है। पुलिस उसे रंजिशन फंसा रही है। वह 11 माह से जेल में है।
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हालांकि, सरकारी अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया। कहा, उसका आपराधिक इतिहास है। याची के खिलाफ उपद्रव, दूसरे की संपत्ति का नुकसान करने और सार्वजनिक संपत्ति निवारण अधिनियम की धारा 3/5 के तहत खुल्दाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। एडीजीसी मृत्युंजय त्रिपाठी ने बताया कि कोर्ट ने प्रपत्रों को देखते हुए जमानत अर्जी कर दी है।