याची मामले के अन्य सह आरोपियों के साथ मिलकर पीड़िता को नहलाया और उसे एक साड़ी पहनाई। याची ने उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी और उसे एक मंदिर में ले गया। उसकी इच्छा के विरूद्ध उसके सिर पर सिंदूर लगाया। इसके बाद पीड़िता को नशीला पदार्थ खिलाकर उसका यौन उत्पीड़न किया। कोर्ट ने प्रमुख सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग को जिला पीलीभीत के बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष के विरुद्ध कार्यवाही करने का निर्देश दिया।
साथ ही एक महीने की अवधि में न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष अनुपालन शपथ पत्र दाखिल करने को कहा। कोर्ट ने प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक से मामले से जुड़े पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष शपथ पत्र दाखिल करने को कहा है।