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Allahabad highcourt: नोटिस तहसीलदार को है, याची को नहीं तो पीड़ित कैसे

Wed, 19 Jan 2022 01:32 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कोर्ट ने कहा कि एसपी यूपी विजिलेंस मेरठ ने तहसीलदार बेहट, सहारनपुर को नोटिस जारी कर कुछ संपत्तियों की जानकारी मांगी है। इससे याची पीड़ित पक्ष नहीं है।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर।) - फोटो : iStock
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) मोहम्मद इकबाल और उनके दो बेटों की याचिका पर हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि नोटिस तहसीलदार को जारी हुआ है। पीड़ित पक्ष को नहीं तो वह कैसे पीड़ित हो सकता है।

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कोर्ट ने कहा कि एसपी यूपी विजिलेंस मेरठ ने तहसीलदार बेहट, सहारनपुर को नोटिस जारी कर कुछ संपत्तियों की जानकारी मांगी है। इससे याची पीड़ित पक्ष नहीं है। दूसरी तरफ नोटिस के खिलाफ याची ने राजस्व विभाग के बड़े अधिकारियों को शिकायत न कर सीधे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार और न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान की खंडपीठ ने मोहम्मद इकबाल व अन्य की याचिका पर दिया है।

याची का कहना था कि इससे पहले भी 2019 में एसपी ने उन्हें नोटिस जारी किया था। हाईकोर्ट ने याची को विजिलेंस आयोग के समक्ष हाजिर होने को बाध्य करने पर रोक लगा दी थी। अब एसपी ने उसी तरह से तहसीलदार को नोटिस जारी किया है। याचियों को परेशान किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा नोटिस तहसीलदार को है, याचीगण को नहीं है। वह पीड़ित पक्ष नहीं है। 

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