धर्मदंड और भगवा वस्त्र धारण कर आगरा के ताजमहल में प्रवेश की अनुमति की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल जगद्गुरु परमहंस की याचिका की सुनवाई नहीं हो सकी। याचिका न्यायमूर्ति एआर मसूदी तथा न्यायमूर्ति विक्त्रस्म डी चौहान की खंडपीठ के समक्ष लगी थी।
याची अधिवक्ता अभिषेक तिवारी ने टर्म से पहले सुनवाई का अनुरोध किया था। याची जगद्गुरु परमहंस महामंडलेश्वरए आचार्य पीठाधीश्वर रामघाट, अयोध्या व पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर शंकराचार्य संस्थान दशनाम गोस्वामी अखाड़ा महेश्वर धाम वृंदावन मथुरा का कहना है कि वे आगरा प्रवास के दौरान ताजमहल देखने गये। उन्हें धर्मदंड व भगवा वस्त्र के साथ प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई।
तीन मई 2022 को प्रत्यावेदन दिया गया है लेकिन अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्हें हाउस अरेस्ट रखा गया इसलिए हाईकोर्ट में अपने अधिकारों के संरक्षण के लिए याचिका दायर की गई है। याचिका में याचियों को अपने शिष्यों के साथ प्रवेश की अनुमति देने की मांग की गई है। याची का कहना है कि पिछले दिनों पुलिस का उनके साथ किया गया बर्ताव अखबारों में भी छपा है, लेकिन मामले विपक्षी अधिवक्ताओं को सूचना न होने और समय की कमी के चलते सुनवाई को टाल दिया गया।