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इलाहाबाद हाईकोर्ट : श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले की सुनवाई शुरू, ईदगाह कमेटी के वकील रख रहे पक्ष

Mon, 01 Apr 2024 04:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार को दोपहर दो बजे से सुनवाई शुरू हो गई है। कोर्ट में मुस्लिम पक्ष के वकील कोर्ट में अपना तर्क प्रस्तुत कर रहे हैं।
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मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले की सुनवाई शुरू हो गई है। दोपहर दो बजे से न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन की की अदालत में सुनवाई शुरू हो चुकी है। ईदगाह कमेटी के वकील कोर्ट में अपना पक्ष रख रहे हैं। पिछली सुनवाई के दौरान दोनों तरफ के वकीलों ने अपना पक्ष रखा था।

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श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद मामले की सुनवाई के दौरान पहले मुस्लिम पक्ष की अधिवक्ता तसलीम अहमदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अपना पक्ष रख रही हैं।  इस दौरान दाखिल सभी 18 वादों और अन्य अर्जियों की पोषणीयता पर सुनवाई जारी है। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि तय नहीं कि है। कृष्ण कूप की पूजा पर भी कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना।

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पिछली सुनवाई में काफी देर तक हुई थी बहस

पिछली सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन के समक्ष मुस्लिम पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता तसनीम अहमदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बहस की थी। सिविल वादों पर मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता नसईरूज्जमा, मंदिर पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, अधिवक्ता हरे राम त्रिपाठी, प्रदीप शर्मा, महेंद्र प्रताप सिंह, न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष गोयल कोर्ट में मौजूद थे।



वाद संख्या चार श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष पांडेय ने दाखिल अर्जी पर पक्ष रखते हुए कहा था कि शाही ईदगाह मस्जिद परिसर में स्थित श्रीकृष्ण कूप में वर्षों से बासोदा पूजा होती आ रही है। एक अप्रैल को मां शीतला सप्तमी व दो अप्रैल को मां शीतला अष्टमी की पूजा-अर्चना की जानी है। मुस्लिम पक्ष की ओर से उन्हें पूजा करने से रोका जा रहा है। उन्होंने पेन ड्राइव पेश की।

 मस्जिद पक्ष की तरफ से कहा गया था कि उन्हें पेन ड्राइव की प्रति नहीं दी गई है। इसकी वजह से वह अर्जी का जवाब दाखिल करने में असमर्थ हैं। जिस पर कोर्ट ने वादी को पेन ड्राइव की प्रति मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता नसईरूज्जमा को देने व उन्हें अपना जवाब अगली सुनवाई की तिथि एक अप्रैल तक दाखिल करने का समय दिया था।
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