सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से पक्ष रखा गया। अन्य विपक्षियों की ओर से अधिवक्ता नसीरूज्जमा, हरे राम त्रिपाठी,प्रणय ओझा, वरिष्ठ अधिवक्ता वजाहत हुसैन खान,एम के सिंह ने पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष गोयल व आकांक्षा शर्मा के अलावा वादी पक्ष के तमाम अधिवक्ता व पक्षकार मौजूद थे।
वाद संख्या 7/23 में वादी अधिवक्ता ने जवाब दाखिल करने का समय मांगा। सात वादों की पोषणीयता पर आदेश सात नियम 11 के तहत आपत्ति दाखिल नहीं की गई है। अगली सुनवाई तक आपत्ति का मौका दिया गया है। वाद संख्या 3/23 में आपत्ति पर जवाब दाखिल करने का समय दिया गया। वाद संख्या 12/23 व 14/23 में दाखिल अर्जी वापस लेकर नए सिरे से दाखिल करने की अनुमति दी गई। मामलों की सुनवाई 29 फरवरी को होगी।