कोर्ट ने जारी किए निर्देश
खफा कोर्ट ने गैंगस्टर अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज किए जाने से पहले गैंग चार्ट तैयार करने के संबंध में तीन दिशा निर्देश जारी किए है।
1. जिस समाज विरोधी गतिविधियों के आरोप पत्र के आधार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है, उसकी तारीख गैंग चार्ट के प्रारूप के कॉलम छ: में अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए।
2. गैंग चार्ट को अग्रसारित और अनुमोदित करते समय सक्षम प्राधिकारी अपनी संतुष्टि अपने हस्तलेख में और स्पष्ट शब्दों में दर्ज करें। संतुष्टि दर्ज किए जाने के लिए कोर्ट ने प्रिंटेड या टाइप किए पर रोक लगाई है।
3. आरोपी के विरुद्ध कोर्ट के अवलोकनार्थ ऐसे दस्तावेज और सामग्री उपलब्ध होने चाहिए, जिससे प्रतीत हो कि गैंग चार्ट के अनुमोदन से पूर्व जिलाधिकारी और जिले के पुलिस मुखिया ने संयुक्त रूप से बैठक की और गैंगस्टर अधिनियम के प्रावधानों पर विचार मंथन के बाद गैंग चार्ट तैयार किया गया है।
मुख्य सचिव को निर्देश
हाईकोर्ट ने जारी दिशानिर्देश और इस आदेश की प्रति प्रदेश के मुख्य सचिव को प्रेषित करने का आदेश दिया है। कहा है की मुख्य सचिव प्रदेश के मंडलायुक्त, जिलाधिकारियों और पुलिस प्रमुखों को इन दिशानिर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करना सुनिश्चित करवाएं।
कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए याची के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को यह छूट प्रदान की है कि गैंगस्टर एक्ट के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करते हुए दोषी पाए जाने पर याची के विरुद्ध नई फिर दर्ज कर सकते हैं।