लिखित परीक्षा के परिणाम में सफल घोषित होने के बाद उसे शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया, जिसमे 10 किलोमीटर की दौड़ 75 मिनट में पूरी की जानी थी। याची ने दिव्यांगता के हवाला देते हुए शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट की मांग को पुलिया भर्ती बोर्ड ने खारिज कर दिया। चयन प्रक्रिया से बाहर किए जाने के निर्णय को याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने विभागीय सेवा नियामावली में प्रविधानित आरक्षण नीति के आलोक में भर्ती बोर्ड को याची के दावे पर दो महीने में सहानुभूति पूर्वक निर्णय लेने का आदेश दिया है।