इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विद्युत आपूर्ति नियमावली 2005 की बिजली चोरी होने के मामलों के निस्तारण के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया से संबंधित नियमों को विद्युत नियामक आयोग द्वारा बनाए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर यूपी सरकार से जवाब मांगा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विद्युत आपूर्ति नियमावली 2005 की बिजली चोरी होने के मामलों के निस्तारण के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया से संबंधित नियमों को विद्युत नियामक आयोग द्वारा बनाए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर यूपी सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा है कि चार सप्ताह में जवाब दाखिल करे। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी ने पवन कुमार केसरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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याची के अधिवक्ता अरुण मिश्रा ने कहा कि विद्युत आपूर्ति नियमावली में यह अधिकारी राज्य सरकार केपास है। जबकि, नियमों को विद्युत नियामक आयोग ने बना दिया है। यह राज्य सरकार के अधिकारों का अपहरण है और गलत है। विद्युत नियामक आयोग नियम नहीं बना सकता है। याची ने नियमावली की धारा ६.८ और ८.१ का चुनौती दी है। इस पर कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।