बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में भरा पानी।
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करेली में 60 फीट रोड, नखास कोहना, लीडर रोड, खुल्दाबाद, जार्जटाउन, टैगोर टाउन, अल्लापुर में शिवाजी पार्क समेत शहर के कई इलाकों में घंटों जलभराव की स्थिति रही। इन क्षेत्रों में घुटनों तक पानी भरा रहा। बाघम्बरी गद्दी हाउसिंग स्कीम के सामने और तुलसी पार्क के पास स्थित अरुण लाल मिश्र व लालजी सिन्हा आदि के घरों के साथ ही जार्जटाउन, टैगोर टाउन समेत कई मोहल्लों में लोगों के घरों तथा अपार्टमेंट में पानी घुस गया। ज्यादातर मोहल्लों में देर रात तक यह स्थिति रही।
बैरहना डॉट पुल के नीचे सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश में ये गड्ढे जलमग्न हो गए और इस कारण कई दो पहिया वाहन सवार गिरकर घायल हो गए। इससे लोगों में नाराजगी रही। क्षेत्र के जनक पासी का कहना था कि यहां कई दिनों से गड्ढे हैं। शिकायत की गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। कई अन्य स्थानों पर भी यही स्थिति रही।
हिंदू महिला विद्यालय चौराहे पर धंसी सड़क
बारिश के दौरान सिविल लाइंस बस अड्डे के सामने हिंदू महिला विद्यालय चौराहे पर सड़क धंस गई। हालांकि, किसी दुर्घटना की सूचना नहीं है, लेकिन गड्ढे के फैलने की आशंका है। इससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ा है। सोहबतियाबाग एवं अलोपीबाग फ्लाईओवर के बीच में भी सड़क धंस गई। यहां पहले से गड्ढा था। बारिश होने के बाद वाहनों का दबाव बढ़ने पर सड़क धंस गई।
बिजली गुल, नहीं चले बख्शी बांध के पंप
नगर निगम और जलकल विभाग की बारिश एवं बाढ़ से निपटने की तैयारी को इससे ही समझा जा सकता है कि बुधवार को बख्शी बांध के पंप भी नहीं चल पाए। बारिश के दौरान पंपिंग स्टेशन की लाइट गुल हो गई। इसकी वजह से 40-40 क्यूसिक के तीन, 10-10 क्यूसिक के पांच पंप नहीं चल पाए। डीजल से चलने वाले तीन पंपों को चलाकर पानी निकालने की कोशिश की गई, लेकिन ये नाकाफी साबित हुए। इसकी वजह से शहर उत्तरी के मोहल्लों में जलभराव की समस्या और गंभीर हो गई। पार्षद शिवसेवक सिंह समेत अन्य लोगों ने पंपिंग स्टेशन पहुंचकर नगर निगम एवं जलकल के अफसरों को सूचना दी। इसके बाद बिजली विभाग के अफसर तो रात आठ बजे तक पहुंच गए, लेकिन विद्युत आपूर्ति शुरू होते-होते नौ बज गए। इसके बाद सभी पंप चालू किए गए और तेजी से पानी निकाला गया।
आजाद नगर में नलकूप का फ्यूज उड़ा, जलापूर्ति ठप
आजाद नगर में लोग बुधवार की शाम को पानी के लिए भी तरस गए। बारिश के दौरान मिनी नलकूलप की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। उसमें फाल्ट आने की बात कही जा रही है। इसकी वजह से शाम को जलापूर्ति ठप रही। लोगों की शिकायत पर नलकूप एवं बिजली विभाग के अफसर पहुंचे, लेकिन गड़बड़ी ठीक नहीं कर पाए। उनका कहना था कि अब बृहस्पतिवार को ही गड़बड़ी ठीक हो पाएगी।
किसानों के लिए उम्मीदों की बारिश
किसानों के लिए बुधवार को उम्मीदों की बारिश हुई। इस सीजन की सबसे अच्छी बारिश से धान समेत अन्य फसलों को काफी फायदा पहुंचा है। इससे किसानों में खुशी है। उनका कहना है कि बीच-बीच में ऐसे ही इंद्रदेव की कृपा बनी रही तो अच्छी पैदावार होगी। बारिश नहीं होने से जिले में सूखे के आसार बनने लगे थे। धान की फसल सूखने लगी थी। ऐसे में बुधवार को हुई बारिश ने खासतौर पर धान की फसल के लिए संजीवनी का काम किया।
कोड़हार के हरगढ़ गांव के सुरेश 20 बीघे में धान की खेती करते हैं। उनका कहना है कि बारिश न होने से पूरी फसल बर्बाद हो रही थी, लेकिन अब लगता है कि सबकुछ बच जाएगा। बारा के रामकुमार, सुरेश, ओम प्रकाश आदि किसानों में भी कुछ इसी तरह का उत्साह रहा। सोरांव के सरसा गांव के मुकेश कुमार पटेल का कहना है कि इस बारिश की बहुत जरूरत थी। सब्जी की खेती करने वाले कौड़िहार के दिनेश कुशवाहा, दीपक सोनकर आदि का कहना है कि बारिश न होने से बहुत निराशा थी। सिंचाई के अभाव में सब्जी की पैदावार प्रभावित हो गई थी। इससे परिवार पालने का संकट खड़ा हो गया था। इस बारिश से फिर से सबकुछ सामान्य होने की उम्मीद है।
तीन दिन तक ऐसा ही मौसम रहने के आसार
मौसम विभाग की तेज बारिश की चेतावनी बुधवार को सच साबित हुई। सुबह और शाम को झमाझम बारिश हुई। अलग-अलग मोहल्लों में सुबह करीब साढ़े पांच बजे से बारिश शुरू हो गई और नौ बजे तक बादल बरसते रहे। इसके बाद दिन में तो मौसम साफ रहा, लेकिन शाम को फिर मूसलाधार बारिश हुई। खास बात यह कि पूर्व में कुछ सीमित क्षेत्र में ही बारिश हो रही थी, लेकिन बुधवार को जिले के हर क्षेत्र में बादल जमकर बरसे। इससे गर्मी से राहत रही। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन तक ऐसा ही मौसम रहने के आसार हैं।