बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की नवनिर्वाचित अध्यक्ष दरवेश यादव की हत्या से प्रयागराज सहित पूरे प्रदेश का अधिवक्ता समाज स्तब्ध है। घटना पर सहसा किसी को यकीन ही नहीं हुआ। दो दिन पहले ही वह बार कौंसिल मुख्यालय में वकीलों के बीच प्रयागराज में थीं। दरवेश वाराणसी के हरिशंकर सिंह के साथ संयुक्त रूप से अध्यक्ष चुनी गईं। दोनों के लिए छह-छह माह का कार्यकाल निर्धारित किया गया। बार कौंसिल के अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने वालीं दरवेश पहली महिला अधिवक्ता थीं। इससे पूर्व पिछली कार्यकारिणी में कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में भी वह कुछ समय इस पद पर रहीं।
दरवेश के साथ ही कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष पद पर चुने गए देवेंद्र मिश्र नगरहा बताते हैं कि घटना की सूचना उनको दिन में फोन पर मिली तो सहसा यकीन ही नहीं हुआ कि दरवेश हमारे बीच नहीं रहीं। रविवार को नई कार्यकारिणी के गठन के बाद हम सभी लोग बेहद उत्साहित थे। अधिवक्ता कल्याण की ढेरों योजनाओं पर काम करने के बारे में हमारे बीच वार्ता हुई थी। मगर किसी को यह नहीं पता था कि अचानक सबकुछ इस तरह से खत्म हो जाएगा। बार कौंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी ने घटना की निंदा करते हुए कहा है कि प्रदेश का अधिवक्ता समाज इस घटना से स्तब्ध और मर्माहत है।
बार कौंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन वीसी मिश्र, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय, महासचिव जेबी सिंह, सुरेंद्र नाथ मिश्र, पूर्व संयुक्त सचिव प्रशासन अजय कुमार मिश्र, अतुल पांडेय, राहुल पांडेय, उदयशंकर तिवारी आदि ने घटना की निंदा की है। लायर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, महासचिव मनीष द्विवेदी, कमलदेव पांडेय, गुंजन शर्मा, पंकज शर्मा आदि ने घटना की निंदा की है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।
जिला अधिवक्ता संघ ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी, मंत्री मनोज सिंह लोकेश, पूर्व अध्यक्ष शीतला प्रसाद मिश्र, रेवती रमण त्रिपाठी, ऋतंधरा मिश्र, यतींद्र मिश्र, केबी सिंह, कुश पांडेय, अनिल तिवारी, राकेश दुबे, नितिन कुमार दुबे आदि ने शोक सभा कर घटना पर दुख जताया है।