केंद्रीय कारागार, नैनी में छह साल पहले संदिग्ध हालत में मृत पाए गए कैदी राजू बोदर के प्रकरण में तत्कालीन वरिष्ठ जेल अधीक्षक समेत समस्त स्टाफ पर नैनी कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के गत 30 मई के आदेश पर एसएसपी ने मुकदमा दर्ज करने का निर्देश कोतवाली पुलिस को दिया था। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।
शहर के शिवकुटी थानांतर्गत नयापुरा, स्टैनली रोड के रहने वाले राजू बोदर को सोरांव थाने की पुलिस ने 21 जनवरी 2013 में अपहरण, दुष्कर्म, मारपीट, गाली गलौज एवं धमकी के प्रकरण में कोर्ट में पेश किया था। जिसमें कोर्ट ने उसे 21 जनवरी 2013 को पुलिस अभिरक्षा में नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया था। इसके एक दिन बाद ही जेल में राजू की मौत हो गई। पुलिस ने उसकी मौत को बीमारी करार देकर पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।
राजू बोदर के भाई विपिन कुमार बोदर ने उस वक्त भाई की जेल के अंदर हत्या किए जाने का आरोप लगाया था लेकिन, किसी ने उसकी नहीं सुनी। विपिन ने पुलिस अधिकारियों के चक्कर भी लगाए। लेकिन कोई मदद नहीं मिली। हताश होकर उसने इसी प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट संख्या 8474/2017 दाखिल किया। जिस पर सुनवाई के दौरान मृत राजू बोदर की मेडिकल रिपोर्ट को एसजीपीजीआई से चेक कराया।
विपिन के मुताबिक उसके बाद गत 30 मई 2019 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर राजू बोदर की मौत को हत्या का मामला माना था। हाईकोर्ट ने ही एसएसपी प्रयागराज को निर्देशित किया था कि उस वक्त के केंद्रीय कारागार के दोषी अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उसी आदेशानुसार 12 जून को नैनी कोतवाली में वर्ष 21 जनवरी 2013 के नैनी सेंट्रल जेल के तत्कालीन समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।