लॉकडाउन में चौतरफा पुलिस की तैनाती होने के बावजूद चोरी छुपे शराब बेची जा रही है। पिछले 4 दिनों में धूमनगंज, करेली और कीडगंज थाना क्षेत्र में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें लोग शराब के साथ पकड़े गए। खास बात यह है कि लॉक डाउन के दौरान शराब के लिए निर्धारित रेट से कई गुना ज्यादा दाम वसूला जा रहा है।
लॉक डाउन के दौरान शराब बेचे जाने का पहला मामला 24 मार्च को पकड़ में आया। जब करेली पुलिस ने यमुना कछार के पास से करेलाबाग निवासी सिकंदर निषाद को 10 लीटर शराब के साथ गिरफ्तार किया। उससे पता चला कि वह चोरी छुपे बेचने के लिए शराब लेकर जा रहा था और पिछले कई दिनों से इस काम में लगा हुआ है।
इसी के अगले दिन यानी 25 मार्च को धूमनगंज के नीवा में दो लोगों को एक पेटी अंग्रेजी शराब के साथ पकड़ा गया। पकडे गए दोनों व्यक्तियों ने अपना नाम अशोक नगर निवासी मोहम्मद तालीम और बेली निवासी मोनू पाल बताया। इसी तरह 26 मार्च को बैरहना में झूंसी निवासी सतीश जायसवाल को क्वाटर की 65 बोतलों के साथ गिरफ्तार किया गया। लगातार सामने आ रहे मामलों से साफ है कि चौतरफा कड़ी सुरक्षा के बावजूद शराब बेचने वाले अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि लॉक डाउन की चलते चोरी छिपे शराब बेचने वाले तय रेट से कई गुना ज्यादा दाम भी वसूल रहे हैं। ¹65 के पौव्वे के लिए 200 से ढाई सौ रुपए तक लिए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक जार्जटाउन के अल्लापुर, करेली के यमुना कछार, कीडगंज नई बस्ती, धूमनगंज के नीवा, शिवकुटी के नया पुरवा, दारागंज की बख्शी, अलोपी बाग, अतरसुइया के रानी मंडी में चोरी छिपे शराब की बिक्री की जा रही है। इस मामले में पुलिस अफसरों का कहना है कि अवैध रूप से शराब बेचे जाने की शिकायतें मिली थी जिस पर कार्रवाई की गई है।