कोरोनाकाल में सरकारी सुविधाएं नही मिलीं
कोरोना काल में भाजपा सरकार लोगाें को अस्पताल में बिस्तर नहीं दे पाई, दवाएं उपलब्ध नहीं करा पाई। ऑक्सीजन के लिए लोग भटकते रहे। इसी प्रयागराज में गंगा में तैरती एवं किनारे पर दफनाई गईं लाशों को कौन भूल सकता है। भाजपा की सरकार अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी तक उपलब्ध नहीं करा पाई। उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं से किसान परेशान हैं।
काले कानून के विरोध के दौरान 700 किसानों की मौत हो पाई लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। सपा नेता ने इसकी जांच कराने की बात कही। पूर्व मुख्यमंत्री ने महंगाई, बेरोजगारी, व्यापारियों एवं उद्यमियों की समस्याओं को उठाते हुए भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखे हमले बोले। उन्होंने कहा कि अब लोगों ने भाजपा को हटाने का मन बना लिया है।
गर्मी उतारने की बात करने वाली भाजपा चार चरणों के चुनाव के बाद ही ठंडी पड़ गई है। जनता ने भाजपा की खटिया खड़ी कर दी है। इसकी वजह से उनके नेताओं के बयान भी घटिया हो गए हैं। अखिलेश यादव ने अन्य मुद्दे उठाते हुए भी भाजपा को घेरा तथा सपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
शहर दक्षिणी की सभा में रईस शुक्ला ने भाजपा प्रत्याशी पर तीखे हमले बोले। उन्होंने सपा की घोषणा पत्र का उल्लेख करते हुए वोट मांगे। इन सभाओं में मंत्री इंद्रजीत सरोज, एमएलसी बासुदेव यादव, पंधारी यादव, लोक बहादुर गोंड, पूर्व सांसद धर्मराज पटेल, दीनानाथ यादव, पूर्व विधायक जोखू लाल यादव, रविंद्र यादव, एसबी यादव, शकील इस्माइल, अशोक चेतरा, नसीरुद्दीन राईन, अमृतलाल ओसवाल, श्याम बाबू छोटा भाई, सुषमा पासी, रंगी लाल यादव, राम सुमेर पाल, दयाशंकर प्रजापति, आकाश यादव, रमेश बिंद, त्रिभुवन यादव, रामचन्द्र यादव, अमरबहादुर यादव, पूर्व विधायक डॉ. बृजभान यादव, ब्लाक प्रमुख ज्योति यादव, निधि यादव, डॉ. सुरेशचंद्र मौर्य, संजय मौर्य, प्रकाशचंद्र त्रिपाठी, पंडा राममिलन यादव कमलेश गुप्ता आदि ने सपा प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे।
तीन महीने में होगी जातीय जनगणना
अखिलेश यादव ने जातीय जनगणना कराने का भी वादा किया। फूलपुर की सभा में उन्होंने कहा कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर डॉ. आंबेडकर, राममनोहर लोहिया की मंशा के अनुरूप तीन महीने में जातीय जनगणना कराई जाएगी।
युवाओं में रहा जोश, बेरिकेडिंग तोड़ पहुंचे मंच तक
अखिलेश यादव की फूलपुर की सभा को लेकर लोगों उत्साह दिखा। उत्साहित युवा अखिलेश यादव को नजदीक से देखने और सुनने के लिए बेरिकेडिंग तोड़कर मंच तक पहुंच गए। कार्यकर्ता मंच पर चढ़ने की भी कोशिश कर रहे थे। यह नजारा देख सुरक्षा व्यवस्था में लगी पुलिस के हाथ-पांव फूल गए।
जाम से जूझते रहे लोग
फूलपुर में अखिलेश यादव की चुनावी जनसभा के समाप्त होने के बाद उन्हें सुनने आई भारी भीड़ जब निकलने लगी तो फूलपुर कस्बा के अलावा प्रतापपुर मार्ग, लोचनगंज-सैदाबाद मार्ग, फूलपुर नहर होते हुए मुख्य मार्ग को जोड़ने वाली सड़क पर भारी जाम लग गया। इससे लोगों को मुसीबतें झेलनी पड़ी। इससे लोग करीब दो घंटे तक परेशान रहे।