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अकबर का किलाः आयुध भंडार की शिफ्टिंग के साथ सीओडी हमेशा के लिए होगा बंद

Sun, 09 Jun 2019 01:16 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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akabar ka kila - फोटो : प्रयागराज
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अकबर के किले में स्थित आयुध भंडार को शिप्ट कराने के साथ ही छिवकी के केंद्रीय आयुध भंडार को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने केंद्रीय आयुध भंडार छिवकी को पूर्ण रूप से बंद करने की संस्तुति कर दी है। इस प्रक्रिया में किले के आयुध भंडार और छिवकी केंद्रीय आयुध भंडार को मिलाकर कुल 1800 कर्मचारी प्रभावित होंगे। इन कर्मचारियों का अलग-अलग आयुध डिपो में समायोजन कराने के लिए प्रत्यावेदन भी मांग लिया गया है। किले के आयुध भंडार को छिवकी स्थानांतरित कराने के बाद सीओडी को बंद करने का भी कर्मचारी संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। सीओडी छिवकी बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर इस संबंध में रक्षा मंत्रालय की एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट वापस लेने की गुहार लगाई है।
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सीओडी छिवकी बचाओ संघर्ष समिति ने पीएम को भेजे पत्र में अपनी पीड़ा जाहिर की है। कहा कि रक्षा मंत्रालय की एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट के बाद सेना मुख्यालय के डायरेक्टर जनरल ऑफ आर्डिनेंस सर्विसेज ने सीओडी बंद करने का आदेश जारी किया है। अब वहां किले के आयुध भंडार को शिफ्ट किया जाएगा। फिलहाल, अकबर के किले में सेना के दो महत्वपूर्ण सेक्शन कार्यरत हैं। पहला आयुध भंडार और दूसरा 508 आर्मी बेस वर्कशॉप।

akabar ka kila - फोटो : प्रयागराज
इस मामले को लेकर संघर्ष में कूदे कर्मचारी यूनियन के नेता दयाशंकर उपाध्याय ने बताया कि छिवकी में नया भवन तैयार होने के बाद वहां 508 आर्मी बेस वर्कशॉप के कर्मचारियों की शिफ्टिंग शुरू हो गई है। किले के आयुध भंडार की शिफ्ंिटग प्रक्रिया में कुल 900 कर्मचारियों की सूची तैयार की गई है। इसमें अब तक यहां तैनात पांच सौ कर्मचारियों को छिवकी जाने के लिए कहा जा चुका है।

akabar ka kila - फोटो : प्रयागराज
वहीं वर्कशॉप में सेना के वाहनों की मरम्मत, पुरानी तोपों और टूटी राइफलों की मरम्मत के अलावा स्टोर व आपूर्ति से जुड़े 400 अन्य कर्मचारियों को भी छिवकी भेजा जाएगा। लेकिन, इस वर्कशॉप व आर्डिनेंस डिपो से जुड़े कर्मचारी छिवकी जाने की बजाए किले के बाहर यमुना किनारे स्थित सेना के स्टोर व दफ्तरों में बने रहने की मांग कर रहे हैं। 
उधर, सीओडी छिवकी में भी 900 कर्मचारी तैनात हैं। सीओडी को बंद करने संबंधी आदेश के बाद अब उन कर्मचारियों को किले से वहां शिफ्ट होने वाली आर्डिनेंस डिपो के अलावा सीओडी कानपुर और जबलपुर में समायोजित कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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akabar quila - फोटो : प्रयागराज
केंद्रीय आयुध भंडार छिवकी को बंद करने संबंधी आदेश जारी होने के बाद कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है। आयुध भंडार का समापन रोकने के लिए गठित सीओडी छिवकी बचाओ संघर्ष समिति के महामंत्री महेश नारायण त्रिपाठी, सीओडी श्रमिक यूनियन के अमित कुमार व सीओडी इंप्लाइज यूनियन के संयुक्त मंत्री राजकरन ने छिवकी सीओडी के कमांडेंट कर्नल राहुल हरचंद से मिलकर अपनी बात रखी है। संघर्ष समिति ने रक्षामंत्री को भी पत्र भेजा है। इस पत्र में कहा गया है कि इस केंद्रीय आयुध डिपो ने युद्ध के समय हमेशा अपनी कार्य कुशलता का परिचय दिया है। इस आयुध डिपो को बंद करने संबंधी आदेश को निरस्त किया जाए, ताकि वहां तैनात कर्मचारियों को राहत मिल सके। 
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