माघ मेला क्षेत्र में कांग्रेस सेवा दल के विशेष समर्थ प्रशिक्षण शिविर में शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने शिरकत की। दोनों नेताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। अजय राय ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की लगातार हत्या हो रही है, उनके घर-मंदिरों पर हमले किए जा रहे हैं पर देश की मोदी सरकार इस गंभीर मुद्दे पर आंखें मूंदे बैठी है।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में विशेष संरक्षण दे रहे हैं, जबकि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की योगी सरकार धर्म, आस्था और सेवा के पर्व माघ की पवित्र भावना को ठेस पहुंचाते हुए राजनीतिक अवसरवाद तलाशने का काम कर रही है।
माघ मेला में अव्यवस्था का भी आरोप लगाया। प्रदेश सरकार के बुलडोजर पर तंज कसते हुए बोले कि बुलडोजर सिर्फ विपक्षी नेताओं और गरीबों पर चलने के लिए है, कोडीन युक्त कफ सिरप वालों के लिए नहीं है। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने आरोप लगाया की एसआईआर के जरिये सरकार दलित, अल्पसंख्यक, आदिवासी और पिछड़ी जातियों के नाम काटने तैयारी में है। सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रमोद पांडेय ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस दौरान शहर अध्यक्ष फुजैल हाशमी, पूर्व विधायक विजय प्रकाश, यमुनापार अध्यक्ष अशोक पटेल, गंगापार अध्यक्ष अशफाक अहमद, मुकुंद तिवारी, हसीब अहमद, हरिकेश त्रिपाठी, अनुपम श्रीवास्तव, अनूप त्रिपाठी रहे।
सरकार की नीतियों से किसान, युवा और व्यापारी परेशान : अजय राय
मौजूदा सरकार की जनविरोधी नीतियों से किसान, मजदूर, युवा और व्यापारी सभी वर्ग परेशान हैं। कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो आम जनता की आवाज को मजबूती से उठाती रही है। यह बातें शनिवार को लखनऊ से प्रयागराज जाते समय नवाबगंज में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कही।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया और आगामी चुनावों के लिए अभी से जुट जाने की अपील की। अजय राय ने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता का समर्थन ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। इसके पूर्व पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस मौके पर पिछड़ा प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव मंजू मौर्या, जिलाध्यक्ष अशफाक अहमद, शरद उपाध्याय, जिला उपाध्यक्ष अफजाल अहमद, यासिर रजा, फैजान, अराफात, अधिवक्ता अदनान फारूकी मौजूद रहे।