शनिवार को एक बार फिर संगम बच्चन परिवार की उपस्थिति का साक्षी बना। मां वृंदा राय, भाई आदित्य राय, बेटी आराध्या और पति अभिषेक बच्चन के साथ फिल्म अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन पिता कृष्ण राज राय की अस्थियां विसर्जित करने संगम पहुंचीं। ‘...तावत वर्ष संहत्राणि स्वर्ग लोके महीयते’ के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बेटे आदित्य राय ने भरे मन ने अस्थियों को संगम में प्रवाहित किया। सभी ने हाथ जोड़कर उन्हें अंतिम प्रणाम किया और उनका आशीष लेकर लौट आए।
चार्टर्ड प्लेन से मुंबई से इलाहाबाद एयरपोर्ट पहुंचने पर पूरा परिवार गाड़ियों में भरकर तकरीबन साढ़े दस बजे बोट क्लब पहुंचा। यहां एक स्टीमर में सवार होकर सभी सीधे संगम पहुंचे। संगम घाट पर बोट में ही काशी से आए बच्चन परिवार के पुरोहित चंद्रमौलि उपाध्याय ने अस्थि विसर्जन की पूजा कराई और फिर कृष्ण राज के बेटे तथा ऐश्वर्या के भाई आदित्य राय ने पिता की अस्थियों को संगम में विसर्जित कर दिया। पूजन के बाद सभी स्टीमर से ही बोट क्लब लौटे। यहां से गाड़ी से बम्हरौली एयरपोर्ट और वहां से चार्टर्ड प्लेन से ही मुंबई के लिए रवाना हो गए।
पुरोहित वाराणसी से सीधे एयरपोर्ट पहुंचे थे, लेकिन वापसी में वह भी बच्चन परिवार के साथ ही प्लेन से ही मुंबई चले गए। संगम प्रवास के दौरान पूरा परिवार शांत और संयत रहा। बोट क्लब पर पत्रकारों ने कुछ पूछना चाहा लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा। बेटी आराध्या की अंगुलियां पकड़े और दुप्पटे से सिर ढंके ऐश्वर्या नाव से उतरकर चुपचाप जाकर गाड़ी की पिछली सीट पर बैठ गईं। अभिषेक सास वृंदा राय के साथ ड्राइवर के पीछे वाली सीट पर बैठे। भाई, पुरोहित और कमांडो अन्य गाड़ियों में सवार थे।