क्रैश विमान को बाहर निकालते लोग।
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भारतीय वायुसेना के टू सीटर माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट में तकनीकी खराबी के कारण केपी कॉलेज के पीछे तालाब में इसकी इमरजेंसी लैंडिंग तो करा दी गई लेकिन जलकुंभी और कीचड़ की वजह से विमान के पहिए फंस गए। एयरफोर्स, यूपी पुलिस, एसडीआरएफ के जवानों को विमान को किनारे तक लाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों की मदद से रस्सी के सहारे विमान को बाहर खींचा गया। विमान को किनारे पर लाने के लिए यूपी पुलिस के एसआई रमेश सिंह वर्मा के साथ एक स्थानीय युवक, वायुु सेना के दो जवान और दो एसडीआरएफ कर्मी तालाब में उतरे।
जलकुंभी की वजह से विमान तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई। इसके बाद सेफ्टी ऑफिसर विंग कमांडर अरुणिमा भी विमान तक पहुंचीं। निरीक्षण करने के बाद उन्होंने वापस आकर बताया कि विमान का अगला हिस्सा कीचड़ में गहराई तक धंस गया है। उसके पहिये भी फंस गए हैं। इस दौरान चिनूक हेलीकॉप्टर से विमान को एयर लिफ्ट करने की योजना बनी। बाद में रस्सी के सहारे ही विमान को खींचा गया। स्थानीय लोगों ने भी विमान को खींचने में मदद की। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता एवं विंग कमांडर देवार्थो धर ने बताया कि विमान को सड़क मार्ग से वायुसेना स्टेशन ले जाया जाएगा।
घटनास्थल से सिर्फ 100 मीटर दूर है केपी कॉलेज मैदान
प्रयागराज। केपी कॉलेज मैदान के पीछे वायुसेना के एयरक्राफ्ट की सकुशल इमरजेंसी लैंडिंग की जानकारी मिलने के बाद सैकड़ों लाेगों की भीड़ जुट गई। लोगों का कहना था कि अच्छा हुआ विमान तालाब में उतरा। अगर केपी कॉलेज परिसर या विद्या वाहिनी बस स्टेशन पर लैंडिंग होती तो जनहानि हो सकती थी। दरअसल, जिस स्थान पर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हुई वह केपी कॉलेज मैदान से महज 100 मीटर दूर था। घटना के समय स्कूल में काफी बच्चे भी मौजूद थे। वहीं, विद्या वाहिनी बस स्टेशन भी घटनास्थल के पास है। उस दौरान बस स्टेशन पर भी काफी भीड़ थी।