इलाहाबाद हाईकोर्ट से घर लौटते समय शाम को चकिया, आनंदपुरम निवासी अधिवक्ता अनूप श्रीवास्तव के गले में रॉकेट चौराहे के पास चाइनीज मांझा फंस गया। जब तक वह छुड़ाने का प्रयास करते, तब तक गले से खून बहने लगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से घर लौटते समय शाम को चकिया, आनंदपुरम निवासी अधिवक्ता अनूप श्रीवास्तव के गले में रॉकेट चौराहे के पास चाइनीज मांझा फंस गया। जब तक वह छुड़ाने का प्रयास करते, तब तक गले से खून बहने लगा। लोगों ने गले पर कपड़ा रखकर खून रोक अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखते हुए स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल रेफर कर दिया। वहां ट्रॉमा सेंटर में उनका इलाज चल रहा है।
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चिकित्सकों ने चार टांके लगाए हैं। सर्जरी विभाग के डॉ.कृष्णा ने बताया कि अधिवक्ता की हालत अब स्थिर है। खून बहना बंद हो गया है। बृहस्पतिवार को उनकी कुछ आंतरिक जांच के बाद कुछ दिक्कत न हुई तो डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
वहीं, हाईकोर्ट की अधिवक्ता नाजिया नफीस भी चाइनीज मांझे से घायल हो गई हैं। वह स्कूटी से घर आ रहीं थी। इस बीच मांझा उनके गले में फंस गया था। हालांकि, उन्होंने गले और चेहरे को कपड़े से ढक रखा था और हेलमेट पहन रखा था। इसलिए वह बच गईं।
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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव प्रेस आरडी पांडेय ने कहा कि हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेशों में चाइनीज मांझा के बिक्री और निर्माण और उपयोग पर रोक लगा रखी है। इसके बाद भी यह बाजार में बिक रहा है। इस ओर प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है। अन्यथा अधिवक्ता बंधु बड़े आंदोलन के लिए बाध्या होंगे।