इस प्रस्ताव को पारित करते हुए सेलेक्ट कमेटी के गठन का निर्णय लिया गया। नियमों में संशोधन के बाद ही 100 रुपये के शुल्क पर सदस्य बनाने का अभियान शुरू किया गया था। ऐसे में 100 रुपये के सदस्यता शुल्क का प्रावधान अगली बैठक में समाप्त किया जा सकता है।
यह तय किया गया कि सेलेक्ट कमेटी और वित्त समिति की रिपोर्ट आने पर एक माह बाद गवर्निंग कौंसिल की अगली बैठक होगी और उसमें बजट भी पारित किया जाएगा। बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि डॉ. सिन्हा के कार्यकाल में हुई कार्यवाही की पुष्टि तो लिखी गई है लेकिन उस पर तिथि अंकित नहीं है।
जब किसी कार्यवाही पर तिथि ही नहीं है, तो उसकी पुष्टि कैसे मानी जा सकती है। इसके साथ ही चेक के माध्यम से छह लाख रुपये निकालने और उसकी कोई लिखित जानकारी न होने के कारण जांच कराने का निर्णय लिया गया।
बैठक का संचालन महामंत्री एसडी कौटिल्य ने किया। इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह, उपाध्यक्ष वित्त वित्त एस. लाल, डॉ. केके श्रीवास्तव, अनिल कुमार श्रीवास्तव, कौशलेंद्र नाथ सिंह, रवि श्रीवास्तव, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, अरुण कुमार श्रीवास्तव, रमेश श्रीवास्तव, आनंद मोहन, केसी श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव, राकेश श्रीवास्तव, अभिनव श्रीवास्तव, भारती वर्मा, नवीन सिन्हा, विजय कृष्ण आदि उपस्थित रहे।