छात्र बाहुल्य इलाके छावनी में तब्दील
शहर के छात्र बाहुल्य इलाके बघाड़ा और सलोरी छावनी में तब्दील कर दिए गए हैं। यहां पर अफसरों ने डेरा डाल दिया है। हंडिया और फूलपुर में विशेष चौकसी की गई है। अग्निपथ बवाल मामले में प्रशासन अलर्ट है। कहीं पर ही छात्रों को एकत्र नहीं होने दिया जा रहा है। बवाल की आशंका को देखते हुए चप्पे चप्पे पर फोर्स तैनात की गई है। पुलिस अफसर भ्रमण पर हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
Prayagraj News : रेल पटरियों पर चक्रमण करती फोर्स।
- फोटो : अमर उजाला।
इविवि के आसपास फोर्स तैनात
अग्निपथ योजना के विरोध में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों के द्वारा बवाल की आशंका के मद्देनजर बड़ी संख्या में फोर्स की तैनाती कर दी गई है। खुफिया विभाग से मिले इनपुट के आधार पर अधिकारी सतर्क हो गए हैं। इविवि के छात्रों के द्वारा आंदोलन की तैयारी की सूचना मिली थी। इसके बाद फोर्स तैनात कर दिया गया है। छात्रों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
क्या कहते हैं एसएसपी
एसएसपी अजय कुमार का कहना है कि जिले के सभी रेलवे स्टेशनों पर पुलिस के साथ ही जीआरपी को भी अलर्ट कर दिया गया है। हंडिया और फूलपुर में विशेष चौकसी बरती जा रही है। उधर, बवाल की आशंका के मद्देनजर खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है। इंटेलिजेंस के साथ एलआईयू को भी इनपुट जुटाने के लिए लगाया गया है।
Prayagraj News : आंदोलन के मद्देनजर चक्रमण करती फोर्स।
- फोटो : अमर उजाला।
अग्निपथ योजना के खिलाफ छात्रों ने किया प्रदर्शन
स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की जिला कमेटी ने अपने अखिल भारतीय आह्वान के तहत सोमवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन के सामने अग्निपथ योजना के विरोध में प्रदर्शन किया। साथ ही दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए एसएफआई और जनवादी नौजवान सभा के कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किए जाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने अग्निपथ योजना को वापस लिए जाने की मांग को दोहराते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने स्थायी भर्तियों की जगह अग्निपथ स्कीम की शुरुआत की है। इस स्कीम के तहत सेवा में अब चार साल की अस्थायी भर्तियां होंगी, जिनमें से कुछ चुनिंदा लोगों को चार साल बाद नियमित करने का प्रस्ताव है। सेना में अस्थायी भर्तियां न सिर्फ लाखों अभ्यर्थियों के साथ भद्दा मजाक है, बल्कि देश की सुरक्षा एवं सेना के आत्मबल पर प्रहार भी है।
मांग की गई कि सेना में स्थायी भर्तियां शीघ्र शुरू की जाएं और कोविड के कारण सेना में दो साल तक भर्तियां बंद होने के दौरान जो अभ्यर्थी ओवरएज हो गए, उन्हें स्थायी भर्तियों में मौका दिया जाए। प्रदर्शन में सुयश, अखिल विकल्प, विकास, शिवम, खुशबू, सूर्या, रितेश मिश्रा, अंकित, आशीष, जयंत आदि शामिल रहे।