सुबह से ही रिफंड के लिए लग जा रही लाइन
उधर ट्रेनें निरस्त होने की सूचना मिलने के बाद जिन लोगों ने रिजर्वेशन काउंटर से अपने टिकट आरक्षित करवाए हैं, वे टिकट निरस्त करवाने के लिए सुबह से ही लाइन में लग जा रहे हैं। जंक्शन समेत प्रयागराज रामबाग, प्रयागराज संगम, प्रयाग जंक्शन आदि स्टेशनों के आरक्षण काउंटर पर आरक्षण निरस्त करवाने के लिए सुबह से ही भीड़ जुट जाती है। बीते दो दिनों में मंडल के प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़, इटावा, हाथरस, मिर्जापुर आदि रेलवे स्टेशनों से कुल 5900 आरक्षित टिकट निरस्त हो चुके हैं। इसमें से 3986 टिकट तो सिर्फ शनिवार को ही निरस्त हुए।
12 हजार से ज्यादा ई टिकट निरस्त होने का अनुमान
बीते कुछ वर्षों से काउंटर टिकट के मुकाबले यात्री आईआरसीटीसी की वेबसाइट एवं उसके एप के माध्यम से ज्यादा टिकट बुक करवाते हैं। माना जाता है कि ट्रेनों में बुक होने वाले कुल टिकटों में से 60-70 फीसदी आईआरसीटीसी की वेबसाइट के माध्यम से ही बुक होते हैं। बीते दो दिन के दौरान जिस तरह से ट्रेनों का निरस्तीकरण हुआ है उससे यही अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रयागराज मंडल के विभिन्न स्टेशनों से आईआरसीटीसी के माध्यम से बुक किए 12 हजार से ज्यादा रेल टिकट अब तक निरस्त हो चुके हैं। आईआरसीटीसी भी निरस्तीकरण की एवज में 70 लाख से ज्यादा का रिफंड दे चुका है।
‘ट्रेन निरस्त होने की स्थिति में यात्रियों को नियमानुसार रिफंड दिए जाने का प्रावधान है। बिहार में विरोध प्रदर्शन की वजह जो ट्रेनें निरस्त हुई हैं, उनके यात्रियों को रेलवे रिफंड दे रहा है। - अमित सिंह, पीआरओ, प्रयागराज मंडल