वेतन और पेंशन के भुगतान में आरबीआई से बैंकों को मिला पैसा तीन दिन में ही खत्म हो गया। बैंकों में पैसे के लिए शनिवार को भी दिनभर लाइन लगी रही। माह की शुरुआत में लोगों की आवश्यकता के अनुसार 10 हजार, पांच हजार का भुगतान किया। इससे लोगों को राहत तो जरूर मिली मगर अब फिर से नगदी का संकट खड़ा हो गया है। शनिवार को ही इसका असर दिखा।
इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक सहित जिले के सभी बैंकों में तीन दिन से हालत कुछ सामान्य रहे। मुख्य शाखा के सहायक महाप्रबंधक एके गुप्ता ने बताया कि सबको भुगतान करने की नीति के तहत काम किया गया। पीएनबी के अमित सिन्हा ने बताते हैं कि बैंक को मिला पैसा अब लगभग खत्म है।
दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों में कोई सुधार नजर नहीं आता। पैसे की कमी के कारण लोग धरना-प्रदर्शन करते रहे। ग्रामीण क्षेत्र में एसबीआई छोड़कर शेष अन्य बैंकों की शाखाओं में पैसे कमी लगातार बनी है। शनिवार को जारी कस्बे में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से भुगतान नहीं मिलने पर ग्राहकों ने हाइवे पर जाम लगाने के साथ हंगामा किया। कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने अपने को बैंक के अंदर बंद कर लिया।
भारतीय स्टेट बैंक त्रिवेणी शाखा के एजीएम अरविंद कुमार गुप्ता ने बताया कि उनकी शाखा में लगभग डेढ़ करोड़ का लेन-देन हो रहा है। इसमें 40 लाख प्रतिदिन जमा हो रहा है। इसमें नए नोट के साथ 100 एवं 50 के नोट हैं। शेष पैसा आरबीआई से मिल रहा है। लगभग 60 लाख का कैश एटीएम से निकल रहा है।
0 शहर के प्रमुख बैंकों के एटीएम से पैसा नहीं मिलने से लोगों की कतार कम नहीं हो रही है। एसबीआई, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक सहित अन्य बैंकों के एटीएम के बाहर लोगों की लंबी लाइन लगी रही।