आगाज 2017 के जरिए राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा व्यापारियों को एकजुटता का पाठ पढ़ाया। केपी कॉलेज मैदान में रविवार को इलाहाबाद, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ समेत आसपास के जिलों, कस्बों से जुटी भारी भीड़ के बीच कहा कि अंग्रेजों और उसके पूर्व के शासकों के समय से वैश्य समाज में बिखराव है। अंग्रेजी शासन के दौरान वैश्य समाज 300 घटकों में बंट गया। उत्तर प्रदेश में करीब 1.75 करोड़ वैश्य मतदाता हैं लेकिन किसी न किसी कारण से बंटते आए हैं। वैश्य समाज में एकता न होने के कारण राजनीति दल उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। वर्ष 2012 के चुनाव का हवाला देते हुए उन्होंने वैश्यों को उनकी शक्ति का अहसास भी कराया।
केपी कॉलेज मैदान में करीब दो बजे पहुंचे सांसद ने अपने आधे घंटे का भाषण वैश्य समाज की एकजुटता पर ही केंद्रीत रखा। कहा, प्रदेश में कुल मतदाताओं में से 15 प्रतिशत वैश्य हैं लेकिन समाज में एकजुटता न होने के कारण ही राजनीति में उनकी उपस्थिति बेहद कम है। पिछले विधानसभा चुनाव में 59 वैश्य प्रत्याशी मैदान में उतरे। इनमें से नौ निर्दलीय थे, जबकि 50 को विभिन्न पार्टियों ने टिकट दिया। इनमें से 20 विधानसभा पहुंचे। 16 ऐसी सीटें थीं, जिसमें वैश्य के सामने वैश्य ही प्रत्याशी था। बताया कि यूपी में 122 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर 40 हजार से 1.20 लाख तक वैश्य वोटर हैं। राजनीति दल व्यापारियों को बंधवा मजदूर न समझें और वर्तमान विधानसभा चुनाव में जो भी पार्टी वैश्य समाज के 50 प्रत्याशियों को टिकट देगी, उसी का एकजुटता से समर्थन किया जाएगा।
चंद्रा ने कहा कि हरियाणा के विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर दो-दो वैश्य प्रत्याशी थे। वहां प्रयोग यह किया कि एक को मैदान से हटने के लिए कहा, ऐसा करने पर बेहतर परिणाम सामने आया। यूपी में भी ऐसा करने पर वैश्य समाज से 100 सीटें जीती जा सकती हैं। उन्होंने हरियाणा के अग्रोहा का जिक्र किया, कहा कि यहां करीब ढाई हजार वर्ष पहले वैश्य समाज के होने का पता चलता है। उसे वैश्यों की नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा। यह वैश्यों का तीर्थ स्थल होगा। धर्म की नगरी प्रयाग में धर्म की बात की। कहा कि कुंभ मेला के दौरान यहां आया और शंकरचार्यों से मिलकर एक अभियान शुरू किया।
यह अभियान हिन्दू और बौद्ध को बांटने के लिए हो रहे प्रयास को खत्म करना था। अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन महिला इकाई की राष्ट्रीय अध्यक्ष रेखा गुप्ता ने राजनीति दलों से वैश्यों को अधिक से अधिक वोट देने की अपील की। उन्होंने समाज के लोगों ने नंद गोपाल गुप्ता नंदी के हाथ मजबूत करने को भी कहा। इसके पहले आगाज के आयोजन नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने मुख्य अतिथि सुभाष चंद्रा समेत विशिष्ट अतिथि टीवी कलाकार अनूप सोनी, रेखा गुप्ता, बीबी अग्रवाल, दिव्य जायसवाल समेत महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी, अन्नू गुप्ता, विजय अरोरा आदि का स्वागत किया। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को मोमेंटो भेंट किए गए। संचालन रंजना त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। सभा में रमेश अग्रहरि, चंद्रिका प्रसाद साहू आदि ने विचार व्यक्त किए।
सुभाष चंद्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की तो पारिवारिक विवाद को लेकर समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोला। कहा कि नरेंद्र मोदी ने गरीबों की मदद का निर्णय लिया। पिछली सरकार के समय कई स्कैम हुए, जिनका खुलासा वर्तमान सरकार कर रही है। समाजवादी परिवार में झगड़ा चल रहा है। सपाई कहते हैं कि सुभाष बीजेपी वाले हैं और उन्होंने बाप-बेटे में झगड़ा कराया।
आगाज 2017 में मौजूद टीवी कलाकार एवं क्राइम पेट्रोल शो के होस्ट अनूप सोनी ने अपने अंदाज में व्यापारियों को शुभकामनाएं दीं। कहा, नंदी के अनुरोध पर आया हूं। उन्होंने भी समाज की एकजुटता पर बल दिया। अनूप टीवी शो क्राइम पेट्रोल के अंत में जिस तरह दर्शकों को खतरों से आगाह करते हैं, उसी अंदाज में लोगों को सजग और सतर्क रहने का संदेश दे गए।
आगाज 2017 के शुरू होने के पूर्व दिन में सवा 12 बजे प्रशासन और पुलिस के अफसर केपी कॉलेज मैदान पहुंचे और अनुमति से संबंधित आदेश दिखाने को कहा। इसके बाद कार्यक्रम स्थल के बाहर से एलईडी स्क्रीन समेत बैनर, पोस्टर आदि हटाने को कहा। प्रशासन के इस रवैये से नंदी नाराज दिखे। कहा कि यह राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। इसके बाद सभा में नंदी ने शासन और प्रशासन पर हमला बोला। कहा कि महापौर के चुनाव के दौरान भी शासन-प्रशासन ने मनमानी और मतगणना में बेमानी करने का प्रयास किया लेकिन जनता के जबरदस्त समर्थन के कारण ऐसा नहीं हो सका। आगाज में भी व्यापारियों की भारी भीड़ की मौजूदगी से शासन-प्रशासन परेशान है। इसी वजह से कार्यक्रम में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश की गई।
आगाज के लिए केपी कॉलेज मैदान में भारी-भरकम मंच बनाया गया। एलईडी स्क्रीन से सजे मंच पर मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों के बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गई। मुख्य अतिथि सुभाष चंद्रा के भाषण तक तो सब कुछ ठीक रहा लेकिन करीब साढ़े तीन बजे उनके जाते ही मंच पर अव्यवस्था का आलम हो गया। बड़ी संख्या में समर्थक मंच पर चढ़ गए। इनमें ज्यादातर लोग अनपू सोनी से मिलने के लिए मंच पर पहुंचे। स्थिति अनियंत्रण के बाहर होने पर संचालक माइक पर लोगों को मंच से उतरने के लिए लगातार चिल्लाते रहे लेकिन इसका असर नहीं हुआ।