फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवीनीकरण के बाद भी तीन सौ असलहे सीज

Fri, 08 Apr 2016 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
लूट, क्राइम - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन
प्रशासन में भी अजब-गजब कारमाने सामने आते रहते हैं। नवीनीकरण के बावजूद कलेक्ट्रट के एक बाबू ने तीन सौ असहल सीज दिखा दिए। कुछ दिनों पहले तकरीबन नौ साल पुराना रजिस्टर खोला गया तो उस बाबू की कारस्तानी सामने आई। मामला गंभीर है, सो डीएम संजय कुमार ने एडीएम सिटी को इसकी जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


असलहों की जानकारी अगर ऑनलाइन फीड न की जाती तो यह गड़बड़ी भी सामने नहीं आती। असलहा लाइसेंस धारकों की सूचना 31 मार्च तक ऑनलाइन फीड की जानी थी। इसी प्रक्रिया के तहत जब पुराना रजिस्टर निकाला गया तो रजिस्टर में दर्ज सूचना देख लाइसेंस धारकों के हाथ-पांव ढीले पढ़ गए।

सूत्रों के मुताबिक लाइसेंसों का नियमित रूप से नवीनीकरण होने के बावजूद रजिस्टर में उसे फर्जी दिखा कई असलहों को सीज किया गया भी दिखा दिया गया था। ऐसे एक-दो नहीं, तकरीबन तीन सौ मामले सामने आए। सूत्रों के मुताबिक यह कारनामा वर्ष 2005-06 और 2006-07 के बीच किया गया। उस समय तैनात रहे असलहा बाबू ने कई शस्त्र लाइसेंसों को रजिस्टर में फर्जी के रूप में अंकित कर दिया। कई मामलों में एफआईआर भी दर्ज करा दी गई जबकि इनमें से कोई शस्त्र न तो फर्जी था और न ही सीज किया गया था। इन असलहों को प्रशासन की तरफ से अब तक नवीनीकरण भी किया जाता रहा है।
विज्ञापन


अगर लाइसेंस फर्जी थे तो उनका नवीनीकरण कैसे किया गया। दरअसल, यह फर्जीवाड़ा सिर्फ एक रजिस्टर में किया गया। सूत्रों का कहना है कि तत्कालीन बाबू अब जिले की एक तहसील में तैनात है। शिकायत डीएम तक पहुंच गई है। डीएम संजय कुमार का कहना है कि शिकायत मिलने पर उन्होंने इस पूरे मामले की जांच एडीएम सिटी गंगाराम गुप्ता को सौंप दी है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि इसमें अगर कोई त्रुटि हुई है तो उसे ठीक किया जाए और जो कर्मचारी इसके लिए दोषी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें