रबर और कोयला प्लांट के वेयर हाउस में लगे कैमरे में मिली फुटेज
फतेहगंज पश्चिमी। पांच दिन शांत रहने के बाद बाघिन के अब गार्ड आवास के पास चौराहे पर चहलकदमी करते दिखने से दहशत है। रबर और कोयला प्लांट के वेयर हाउस में लगे कैमरे में भी बाघिन की गतिविधियां कैद हुई हैं। हालांकि वन विभाग अब बारिश के बाद ही रेस्क्यू करने की बात कह रहा है।
कई महीनों से रबर फैक्टरी के जंगल में डेरा जमाए बाघिन की चालाकी से जहां वन विभाग की टीम परेशान है, वहीं आसपास के क्षेत्रों में दहशत है। ग्रामीणों ने फैक्टरी के पास से गुजरने वाले आगरास-शंखा रोड से निकलना बंद कर दिया है। पांच महीने में कई बार सटीक लोकेशन मिलने के बावजूद विशेषज्ञों की टीम बाघिन को पकड़ने में नाकाम रही। बाघिन को जल्द पकड़ लेने के दावे करने वाले वन विभाग के अफसर अब बारिश के बाद ही बाघिन को पकड़ने का अभियान चलाने की बात कह रहे हैं। बाघिन की लोकेशन जानने के लिए वन विभाग की एक टीम तीसरे दिन कैमरे चेक करने पहुंचती है। मंगलवार को भी टीम ने कैमरे चेक किए तो सुबह करीब पांच बजे के आसपास रबर प्लांट के वेयर हाउस और कोयला प्लांट के कैमरों में कैद बाघिन की तस्वीरें दिखीं। इसके अलावा मैन गेट के पास लगे कैमरे में भी बाघिन की फुटेज आने से रबर फैक्टरी के गार्ड दहशत में है। मुख्य वन संरक्षक ललित वर्मा ने बताया कि बाघिन को पकड़ने का अभियान बारिश के बाद ही शुरू किया जाएगा। तब तक टीम बाघिन की निगरानी करके उसकी लोकेशन लेती रहेगी।