जमाल के मुताबिक इस दौरान पता चला कि गैर जनपद के एक युवक से उसकी निकटता हो गई। विरोध करने पर उसने बिना तलाक लिए ही उक्त युवक से शादी कर ली और उसी के साथ रहने लगी। जमाल ने बताया कि नौकरी से पहले आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज में बतौर पति उसका नाम दर्ज था, लेकिन पत्नी ने उसका नाम हटवा दिया। आरोप है कि अपने पिता का नाम दर्ज करवाते हुए खुद को अविवाहिता बताते हुए उसने नौकरी हासिल की है। पीड़ित ने मामले की शिकायत विभागीय के साथ ही पुलिस अफसरों से की। कोई कार्रवाई न होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया।
10 सितंबर को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रयागराज ने धूमनगंज कोतवाली पुलिस को आरोपी युवती के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। पीड़ित का आरोप है कि महीने भर बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है। वहीं, धूमनगंज थाना प्रभारी अमरनाथ राय ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। जानकारी होते ही विधिक कार्रवाई की जाएगी।