इलाहाबाद (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के नए अध्यक्ष डॉ. सनिल कुमार इस भर्ती आयोग की दशा सुधारने में जुट गए हैं। चयन बोर्ड के अध्यक्ष जनवरी-फरवरी में हुई टीजीटी-पीजीटी परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों की आपत्तियों के निस्तारण के बाद परीक्षा परिणाम जारी करने की बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रश्नपत्र को लेकर छात्रों की शिकायतों के निस्तारण के बाद ही रिजल्ट घोषित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से जनवरी-फरवरी में टीजीटी-पीजीटी परीक्षा कराए जाने के बाद तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. परशुराम पाल ने आपत्तियों के निस्तारण के बाद रिजल्ट की घोषणा की बात कही थी। इस दौरान शासन एवं चयन बोर्ड के आंतरिक दबाव के कारण डॉ. पाल ने त्यागपत्र दे दिया। अप्रैल के अंत में कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद अनीता यादव ने छात्रों की आपत्तियों को आनन-फानन में निस्तारण की घोषणा करके परिणाम की घोषणा शुरू कर दी। इस पर परीक्षार्थियों ने विरोध जताया परंतु उनकी बात अनसुनी करके कुछ विषयों के रिजल्ट जारी कर दिए गए।
कोर्ट के आदेश के बाद कार्यवाहक अध्यक्ष अनीता यादव, सदस्य डॉ.आशालता सिंह एवं ललित कुमार श्रीवास्तव को काम करने पर रोक लगा दिए जाने के बाद सरकार ने फिरोजाबाद में डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सनिल कुमार को नया अध्यक्ष बनाकर भेजा है। नए अध्यक्ष ने पदभार ग्रहण करने के बाद कहा था कि वह सबको साथ लेकर समस्याओं का निस्तारण करेंगे। अमर उजाला से बातचीत में अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षार्थियों के साथ कोई अन्याय न हो इसके लिए उनकी आपत्ति के निस्तारण के बाद ही रिजल्ट घोषित किया जाएगा। चयन बोर्ड सचिव जितेन्द्र कुमार ने भी बताया कि रिजल्ट समीक्षा के बाद ही जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण सदस्यों के काम पर रोक है, इस कारण से कोरम का अभाव बना हुआ है। कोरम पूरा होने के बाद ही रिजल्ट जारी होगा।