एमएलसी चुनाव परिणाम: मंडी समिति परिसर में हो रही मतगणना
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इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन सीट पर 24 वर्ष से भी अधिक समय बाद एक बार फिर समाजवादियों ने जीत हासिल की है। नतीजे की औपचारिक घोषणा देर रात तक नहीं हुई थी लेकिन सपा के डॉ. मान सिंह जीत सुनिश्चित मानी जा रही है। इनसे पहले समाजवादी नेता रमेश चंद्र श्रीवास्तव और लक्ष्मी सहाय सक्सेना इस सीट से विजयी हो चुके हैं।
10 जिलों वाले इस सीट पर भाजपा के डॉ.यज्ञ दत्त शर्मा लगातार चार बार से विजयी होते रहे। हालांकि, इस बार उन्हें दूसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ेगा। डॉ.यज्ञ दत्त शर्मा से पहले इस सीट पर समाजवादियों का ही कब्जा रहा। इमरजेंसी के बाद से हुए चुनावों की बात करें तो 1976 में संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार रहे समाजवादी नेता लक्ष्मी सहाय सक्सेना विजयी हुए थे। वह यहीं कीडगंज में रहते थे तथा मीसा बंदी के तौर पर जेल से चुनाव लड़े थे।
उन्होंने सीएमपी डिग्री कालेज के प्राचार्य रहे डॉ.जेपी श्रीवास्तव को हराया था। लक्ष्मी सहाय 1977 में रामनरेश यादव की अगुवाई में बनी जनता पार्टी सरकार में वन मंत्री रहे। इसके बाद हाईकोर्ट के पूर्व जज रमेश चंद्र श्रीवास्तव लगातार दो बार एमएलसी रहे। हाशिमपुर के निवासी रमेश चंद्र मुलायम सिंह यादव की अगुवाई में बनी जनता दल की सरकार में कानून मंत्री रहे। इस तरह से दोनों समाजवादी नेता कैबिनेट मंत्री भी रहे। इनके बाद प्रयागराज के ही भाजपा के डॉ.यज्ञ दत्त शर्मा लगातार चार बार विजयी हुए। इस बार भी वह भाजपा की टिकट पर मैदान में रहे लेकिन सपा के मान सिंह उनसे आगे निकल गए। इस तरह से 24 वर्ष बाद समाजवादियों ने इस सीट पर फिर जीत हासिल की।
इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट पर प्रयागराज का कब्जा बरकरार
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन सीट इस बार भी प्रयागराज का कब्जा पक्का हो गया है। 10 जिलों वाले इस सीट पर लगातार कई चुनावों से यहीं के नेता विजयी होते रहे हैं। इस बार भी मनौरी स्थित पब्लिक इंटर कालेज में प्रवक्ता सपा के मान सिंह की जीत पक्की मानी जा रही है। बस औपचारिक घोषणा होनी है। लगातार चार बार से एमएलसी डॉ.यज्ञ दत्त शर्मा भी यहीं के हैं। इस बार भी वह दूसरे स्थान पर रहे। इनसे पहले 1976 में संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार रहे कीडगंज के लक्ष्मी सहाय सक्सेना निर्वाचित हुए थे। इनके बाद हाईकोर्ट के पूर्व जज रहे रमेश चंद्र श्रीवास्तव लगातार दो बाद विजयी हुए थे।