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Prayagraj : 16 साल बाद सास बोली...बेटे ने कराई लिखा-पढ़ी, हमने लगाया अंगूठा

Sun, 09 Jun 2024 04:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

16 साल चले इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम त्रिवेदी की अदालत कर रही थी। मामला प्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र का है। कुकरहता गांव निवासी दिनेश सिंह पांच भाइयों में सबसे छोटे थे।
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अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिला अदालत ने पति को जहर देने की आरोपी महिला समेत गांव के तत्कालीन बीडीसी को हत्या के आरोप से बरी कर दिया। मां ने बहू, तत्कालीन प्रधान व बीडीसी के बीच प्रेम प्रसंग का आरोप लगा बेटे की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन, अदालत पहुंची सास ने 16 साल बाद कहा कि बड़े बेटे स्वयंभव ने कराई थी लिखा-पढ़ी, हमने केवल अंगूठा लगाया था।

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16 साल चले इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम त्रिवेदी की अदालत कर रही थी। मामला प्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र का है। कुकरहता गांव निवासी दिनेश सिंह पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। बंटवारे के बाद पत्नी पूजा सिंह और चार बेटियों के साथ अलग रह रहे थे। 30 जून 2008 की रात 12 बजे तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाने से पहले उनकी मौत हो गई।

पोस्टमार्टम में कोई बाहरी चोट नहीं पाई गई, जबकि चार नवंबर को बिसरा जांच में जहर की पुष्टि हुई। हालांकि, इससे पहले मृतक दिनेश की मां सिताब कुंवारी ने बेटे की हत्या का आरोप बहू पूजा, गांव के प्रधान वीरेंद्र श्रीवास्तव और बीडीसी अनुज प्रताप सिंह पर लगाते हुए सीजेएम की अदालत में मुकदमा दर्ज करने की अर्जी दाखिल कर चुकी थी।

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आरोप लगाया कि बहू का गांव के प्रधान और बडीसी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इन्होंने मिलकर बेटे को मारपीट कर जहर दिया है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज मुकदमे की विवेचना के बाद पुलिस ने बहू पूजा, प्रधान वीरेंद्र श्रीवास्तव और बीडीसी अनुज प्रताप सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया।

ट्रायल के दौरान प्रधान की 2016 में मौत हो गई। उसके खिलाफ मुकदमा उपशमित कर दिया गया, जबकि पूजा और अनुज के खिलाफ अभियोजन ने छह गवाह पेश किए, लेकिन मामला सिद्ध नहीं हो सका। 16 साल से पति की हत्या का आरोप झेल रही पूजा बेगुनाह साबित हुई।
बड़े बेटे ने मुकदमा दर्ज कराने की अर्जी तैयार कराई थी

16 साल पहले छोटी बहू पूजा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवाने वाली सास ने अदालत में कहा...बड़े बेटे स्वयंभव ने मुकदमा दर्ज कराने की अर्जी तैयार कराई थी। मैंने तो केवल अंगूठा लगाया। जिस रात बेटे की तबीयत बिगड़ी बहू ने ही जानकारी दी थी। जब तक अस्पताल ले जाते उसने दम तोड़ दिया। बहू मौके पर ही थी। वहीं, आरोपी बीडीसी अनुज और प्रधान वीरेंद्र के खिलाफ मृतक से मारपीट कर जहर देने का आरोप था। अदालत में बचाव करते हुए अनुज ने बताया कि मृतक के भाई सुरेश और स्वयंभव की प्रधान वीरेंद्र से चुनावी रंजिश थी। वीरेंद्र ने सुरेश को प्रधानी के चुनाव में हराया था। उनका न तो दिनेश के घर आना-जाना था और न ही बहू से कोई रिश्ता। उन्हें चुनावी रंजिश में फंसाया गया।
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बहू बोली-संपत्ति हड़पने के लिए फंसाया गया

हत्या में 16 साल तक मुकदमेबाजी झेल रही पूजा ने अदालत को बताया कि पति अपने भाई सुरेश के घर से खाना खा कर आए थे। रात 12 बजे उन्हें उल्टी होने लगी। तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो जेठ स्वयंभव और पड़ोसियों से उन्हें अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई, लेकिन तेज बारिश की वजह से सभी आनाकानी करने लगे और पति ने दम तोड दिया। पूजा ने यह भी आरोप लगाया कि पति की संपत्ति हड़पने के लिए उसे फंसाया गया।
कोर्ट ने कहा...पत्नी की मौजूदगी ही उसकी बेगुनाही का सुबूत

ट्रायल कोर्ट ने अभियोजन की ओर से पेश गवाहों और सबूतों के साथ साक्ष्य अधिनियम की धारा छह और सात के तहत आरोपी के आचरण और घटना के संव्यवहार के विधिक प्रावधान का जिक्र किया। कहा कि अपराध करने के बाद सामान्य व्यवहार में अपराधी घटनास्थल से भागने की कोशिश करता है, लेकिन पूजा मौके पर मौजूद थी। इसके अलावा अभियोजन मृतक की चार बेटियों और गांव के उन लोगों की गवाही कराने में विफल रहा, जिन्हें अस्पताल ले जाने के लिए रात में बुलाया गया।
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