शास्त्रीय मर्यादा के उल्लंघन के चलते हारी भाजपा
उदाहरण के लिए अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम को प्रतिष्ठित किया। उन्होंने सोचा कि इसका परिणाम भाजपा के पक्ष होगा। उन्होंने शास्त्रीय मर्यादा का उल्लंघन जान बूझकर किया। इसी का परिणाम है कि अयोध्या में भी भाजपा हार गई। कहा कि शंकराचार्य और धर्माचायों को लेकर मोदी और योगी में जो अहंकार की पराकाष्ठा है, उससे अब उन्हें संभलने की आवश्यकता है।
कहा कि ऐसे ही यह लोग अगर हम लोगों से भिड़ते रहे तो हमारी भावना और वाणी अपने आप घटना का रूप धारण कर लेगी। पुरी शंकराचार्य ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंहराव, ज्योति बसु, मुलायम सिंह यादव और लालू यादव उनसे टकराए, लेकिन उसका परिणाम क्या हुआ, सभी जानते हैं। कहा कि सत्ता में जो आता है, वह पुरी शंकराचार्य से टकराता है।
हम किसी से टकराते नहीं, लेकिन अगर कोई मुझे टकराता है तो मैं तो हार मानता नहीं और वह चारों खाने चित हो जाता है। इस मौके पर प्रफुल्ल ब्रम्हचारी, ऋषिकेश ब्रम्हचारी,राम कैलाश पांडेय, विमल, संतोष त्रिपाठी, आस्तिक शुक्ला, आशुतोष सिंह, प्रतीक त्यागी, अजय पांडेय, विवेक मिश्र, दीपक शुक्ला, राजीव मिश्र राणा, मनोज त्रिपाठी,सुरेंद्र पांडेय, बीपी सिंह, आरके पांडेय, उत्तम दुबे, लक्ष्य दुबे मौजूद रहे।