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शंकराचार्य निश्चलानंद बोले : भाजपा की अदूरदर्शिता के कारण सपा- कांग्रेस को यूपी में मिली विजय:

Sun, 09 Jun 2024 03:03 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

शंकराचार्य निश्चलानंद ने कहा कि सपा और कांग्रेस को भाजपा की अदूरदर्शिता के कारण विजय मिली है। सपा की जीत इसलिए हुई कि उसने जातिगत समीकरण ठीक बैठाया, जबकि भाजपा विकास को लेकर चली। पुरी शंकराचार्य ने यह बातें शनिवार को अपने झूंसी के शिवगंगा आश्रम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं।
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शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोवर्धनमठ पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा है कि सपा और कांग्रेस वाले यूपी में जश्न मना रहे हैं, उसका कारण भाजपा की अदूरदर्शिता है। कहा कि सपा और कांग्रेस को भाजपा की अदूरदर्शिता के कारण विजय मिली है। सपा की जीत इसलिए हुई कि उसने जातिगत समीकरण ठीक बैठाया, जबकि भाजपा विकास को लेकर चली। पुरी शंकराचार्य ने यह बातें शनिवार को अपने झूंसी के शिवगंगा आश्रम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं। पुरी शंकराचार्य शिव गंगा आश्रम में 14 जून तक प्रवास करेंगे।

केंद्र में बनने वाली गठबंधन की सरकार को लेकर किए गए सवाल पर पुरी शंकराचार्य ने कहा कि तोड़फोड़ और खरीद बिक्री का काम तो चलता है, लेकिन अब छाती की चौड़ाई वो नहीं रह पाएगी। वाणी में भी पहले वाली ओजस्विता नहीं रहेगी। बीच में भी कोई घटना घट सकती है। कहा कि उन्हें सावधान होकर व्यासपीठ को समझने का प्रयास करना चाहिए, उसे रौंदने या अपने अधीन करने का कुत्सित प्रयास नहीं करना चाहिए।

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कहा कि मौजूदा समय लोकसभा चुनाव में पूरे देश से भाजपा को मिले जनादेश के बाद मोदी और योगी को संभलने की आवश्यकता है। कहा कि कहा कि कहीं न कहीं इसके पीछे उनका अहंकार है। पुरी शंकराचार्य ने कहा कि अब भी ये न संभले तो इनका अहंकार इन्हें और गिरा देगा। पुरी शंकराचार्य ने कहा कि संतों की वाणी परिस्थिति को बनाने के साथ-साथ घटना को बता देती है।



 

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शास्त्रीय मर्यादा के उल्लंघन के चलते हारी भाजपा

उदाहरण के लिए अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम को प्रतिष्ठित किया। उन्होंने सोचा कि इसका परिणाम भाजपा के पक्ष होगा। उन्होंने शास्त्रीय मर्यादा का उल्लंघन जान बूझकर किया। इसी का परिणाम है कि अयोध्या में भी भाजपा हार गई। कहा कि शंकराचार्य और धर्माचायों को लेकर मोदी और योगी में जो अहंकार की पराकाष्ठा है, उससे अब उन्हें संभलने की आवश्यकता है।

कहा कि ऐसे ही यह लोग अगर हम लोगों से भिड़ते रहे तो हमारी भावना और वाणी अपने आप घटना का रूप धारण कर लेगी। पुरी शंकराचार्य ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंहराव, ज्योति बसु, मुलायम सिंह यादव और लालू यादव उनसे टकराए, लेकिन उसका परिणाम क्या हुआ, सभी जानते हैं। कहा कि सत्ता में जो आता है, वह पुरी शंकराचार्य से टकराता है।

हम किसी से टकराते नहीं, लेकिन अगर कोई मुझे टकराता है तो मैं तो हार मानता नहीं और वह चारों खाने चित हो जाता है। इस मौके पर प्रफुल्ल ब्रम्हचारी, ऋषिकेश ब्रम्हचारी,राम कैलाश पांडेय, विमल, संतोष त्रिपाठी, आस्तिक शुक्ला, आशुतोष सिंह, प्रतीक त्यागी, अजय पांडेय, विवेक मिश्र, दीपक शुक्ला, राजीव मिश्र राणा, मनोज त्रिपाठी,सुरेंद्र पांडेय, बीपी सिंह, आरके पांडेय, उत्तम दुबे, लक्ष्य दुबे मौजूद रहे।
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