अफ्रीकी देशों से आए चित्रकारों ने इलाहाबाद संग्रहालय का अवलोकन किया। स्वयं
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भारतीय संस्कृति, इतिहास और कला की अनुपम विरासत से रूबरू होने के बाद अफ्रीकी देशों से आए चित्रकारों ने शुक्रवार को इलाहाबाद संग्रहालय की सराहना की। भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से आयोजित इंडो-अफ्रीकन फोरम समिट के तहत कलाकार यहां की दुर्लभ कलाकृतियों, सांस्कृतिक वैभव और सुव्यवस्थित संरक्षण व्यवस्था को देखकर अभिभूत नजर आए।
बुर्कीना फासो के मिस्टर मूसब्लैक, कैमरून के मैक्स ल्योंग और चाड के बोरसोटा ने संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं का अवलोकन किया। कलाकारों ने कहा कि भारतीय सभ्यता और कला की गहराई को करीब से देखने का यह अनुभव उनके लिए अत्यंत अहम है। उन्होंने कहा कि यहां की कलाकृतियां केवल इतिहास नहीं बताती बल्कि भारतीय समाज की संवेदनशीलता, आध्यात्मिकता और रचनात्मकता का भी परिचय कराती हैं।
कलाकारों ने विशेष रूप से संग्रहालय में संरक्षित धरोहरों के रख-रखाव और प्रस्तुतीकरण की सराहना करते हुए कहा कि इस भ्रमण के बाद उनकी कलादृष्टि और अधिक व्यापक हुई है। संग्रहालय भ्रमण के दौरान डॉ. सुशील कुमार ने कलाकारों को संग्रहालय की प्रमुख कलाकृतियों और ऐतिहासिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर डॉ. वामन ए वानखेड़े व सुनील पांडेय मौजूद रहे।