Prayagraj News : इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अफगानी छात्रों की काउंसलिंग की गई।
- फोटो : प्रयागराज
पांच दिन बीत गए। परिवारवालों से कोई संपर्क नहीं हो पाया। किसी की कोई खबर नहीं। वॉइस मैसेज का भी जवाब नहीं मिला। दूर तो हैं ही, मजबूर भी। सिर्फ दुआओं का सहारा है और हर वक्त खुदा से अपनों की सलामती की दुआ ही मांग रहे हैं। नैनी स्थित शुआट्स में पीएचडी करने वाला अफगानी छात्र जाकिर उल्ला जब यह बातें कह रहा था तो उसकी आंखें नम हो गईं। लाख कोशिशों के बाद भी अपनोें की खोज-खबर न मिलने से वह बेहद निराश है। लेकिन उसे अपनी दुआओं पर भरोसा है और वह यह भी कहता है कि एक दिन फिर ऐसा आएगा, जब सबकुछ पहले जैसा ठीक हो जाएगा।
अफगानिस्तान में अचानक बदले हालात के बाद इन हालातों से गुजरने वाला जाकिर अकेला नहीं। उसके जैसे अन्य अफगानी छात्र भी हैं जो अपनों की सलामती को लेकर बेहद फिक्रमंद हैं। संपर्क नहीं हो पाने के चलते उनकी चिंताएं और बढ़ गई हैं। जाकिर की तरह ही शुआट्स में रहकर शफी उल्ला एमटेक तो नवाजिश रिजाई एमएससी की पढ़ाई कर रहा है। जाकिर का कहना है कि उसकी ही तरह उन दोनों का भी अपने परिजनों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।