अध्यक्ष राधाकांत ओझा का आरोप है कि अधिवक्ताओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करना, बिना सुनवाई के ही मुकदमे को खारिज करना न्यायमूर्ति के लिए आम बात हो गई है। लगातार शिकायत के बाद भी न्यायमूर्ति के व्यवहार एवं कार्यशैली में किसी प्रकार का परिवर्तन न दिखने पर बार एसोसिएशन ने न्यायमूर्ति की शिकायत मुख्य न्यायाधीश से की है। उनका कहना है कि न्यायमूर्ति की हठधर्मिता से आहत होकर कार्यकारिणी ने सोमवार 11 जुलाई को उनके न्याय कक्ष का बहिष्कार किए जाने का निर्णय लिया है। यह जानकारी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव प्रेस आशुतोष त्रिपाठी ने दी है।