फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Allahabad High Court : हाईकोर्ट के एक जज के व्यवहार से वकील आहत, करेंगे कोर्ट का बहिष्कार

Fri, 08 Jul 2022 10:28 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा. महासचिव सत्यधीर सिंह जादौन और वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल को दिए गए लिखित प्रार्थना पत्र में कहा है कि एक न्यायमूर्ति के खिलाफ  लगातार अधिवक्ताओं की शिकायत बार एसोसिएशन को मिल रही है।
विज्ञापन
allahabad high court - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने 11 जुलाई यानी सोमवार को हाईकोर्ट के एक न्यायमूर्ति के व्यवहार से क्षुब्ध होकर उनके न्याय कक्ष का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से यह निर्णय शुक्रवार को लाइब्रेरी हॉल में हुई आपातकालीन आमसभा में लिया है। यही नहीं बार एसोसिएशन ने जज द्वारा कोर्ट में वकीलों के साथ किए जा रहे व्यवहार की मुख्य न्यायमूर्ति से शिकायत भी की है।

विज्ञापन



हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा. महासचिव सत्यधीर सिंह जादौन और वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल को दिए गए लिखित प्रार्थना पत्र में कहा है कि एक न्यायमूर्ति के खिलाफ  लगातार अधिवक्ताओं की शिकायत बार एसोसिएशन को मिल रही है। न्यायालय में न्यायमूर्ति के बर्ताव के संबंध में कई बार हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा मुख्य न्यायाधीश को मौखिक रूप से बताया जा चुका है। लेकिन न्यायमूर्ति के व्यवहार में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नही हो रहा है।

विज्ञापन

अध्यक्ष राधाकांत ओझा का आरोप है कि अधिवक्ताओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करना, बिना सुनवाई के ही मुकदमे को खारिज करना न्यायमूर्ति के लिए आम बात हो गई है। लगातार शिकायत के बाद भी न्यायमूर्ति के व्यवहार एवं कार्यशैली में किसी प्रकार का परिवर्तन न दिखने पर बार एसोसिएशन ने न्यायमूर्ति की शिकायत मुख्य न्यायाधीश से की है। उनका कहना है कि न्यायमूर्ति की हठधर्मिता से आहत होकर कार्यकारिणी ने सोमवार 11 जुलाई को उनके न्याय कक्ष का बहिष्कार किए जाने का निर्णय लिया है। यह जानकारी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव प्रेस आशुतोष त्रिपाठी ने दी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें