आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, निर्भय सिंह उर्फ छोटू ने बताया कि घटना में उसके साथ उसका भाई दिवाकर सिंह और साथी अनंत पांडेय निवासी भोजपुर बिहार शामिल थे। घटना वाली रात वह कार से भोजपुर पहुंचे थे। वहां से पटना जाने वाले रास्ते पर गंगा नदी को पार करने के लिए चार किमी का एक पुल पड़ता है। पुल के बीचोबीच पहुंचने पर उसने बहाने से कार रुकवा दी। इसी दौरान उसके दो साथी बाइक से पीछे से आ गए।
उन्होंने पवन से कार की चाबी मांगी। उसके इन्कार करने पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव गंगा में फेंककर भाग निकले। इसके बाद पुलिस ने दिवाकर व अनंत को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की एक टीम ने बिहार पुलिस के साथ नदी में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन शव बरामद नहीं हुआ।
लूटपाट ही है पेशा, खंगाली जा रही कुंडली
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों से पता चला कि वह घूम-घूमकर लूटपाट की वारदातों को अंजाम देते थे। घटना से पहले बिहार से प्रयागराज भी वह सिर्फ इसीलिए आए थे। सूत्रों का कहना है कि मृतक वारदात के बाद उसकी कार से पटना भाग गए थे। वहां से लौटते वक्त दुर्घटना होने पर वह कार छोड़कर भाग निकले। इसके बाद कार को बिहार पुलिस ने कब्जे में ले लिया था।
शव की तलाश की जा रही है। घटना में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो की तलाश जारी है। - श्वेताभ पांडेय, एसीपी सिविल लाइंस