इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के प्रमुख संस्थानों में शामिल अभियांत्रिकी एवं ग्रामीण प्रौद्योगिकी संस्थान (आईईआरटी) में शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में कुल 1623 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। संस्थान में बीटेक, इंजीनियरिंग डिप्लोमा, मैनेजमेंट डिप्लोमा और पोस्ट डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित हैं।
आईईआरटी में बीटेक के सात विभागों में कुल 405 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और सिविल इंजीनियरिंग में 60-60 सीटें और इंडस्ट्रियल एंड प्रोडक्शन इंजीनियरिंग में 45 सीटें निर्धारित हैं।
इसके अलावा संस्थान के 3 वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में कुल 975 सीटें हैं। डिप्लोमा के तहत सिविल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग (कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी), सिविल इंजीनियरिंग (पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग), इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, इंस्ट्रूमेंटल एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल (ऑटोमोबाइल) इंजीनियरिंग, मैकेनिकल (पावर प्लांट) इंजीनियरिंग, मैकेनिकल (प्रोडक्शन) इंजीनियरिंग, मैकेनिकल (रेफ्रिजरेशन) इंजीनियरिंग, मैकेनिकल (टूल) इंजीनियरिंग, मैकेनिकल (ट्यूबवेल) इंजीनियरिंग और प्लास्टिक टेक्नोलॉजी जैसे पाठ्यक्रम संचालित हैं। प्रत्येक पाठ्यक्रम में 75 सीटें उपलब्ध हैं।
वहीं, दो वर्षीय मैनेजमेंट डिप्लोमा के तीन पाठ्यक्रमों कमर्शियल प्रैक्टिस, मार्केटिंग मैनेजमेंट और मटेरियल मैनेजमेंट में कुल 225 सीटें निर्धारित हैं। इसके अतिरिक्त पोस्ट डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (पीडीसीए) में 18 सीटें उपलब्ध हैं। निदेशक डॉ विमल मिश्रा ने कहा कि छात्रों को बेहतर तकनीकी शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाओं और व्यावहारिक प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि आईईआरटी का लक्ष्य छात्रों को पढ़ाई के साथ रोजगार के लिए भी तैयार करना है।