युवाओं से ही जुड़े हैं सभी मामले
युवाओं में मोबाइल फोन का नशा तो चहुंओर खूब जोर मारता दिखाई देता है, लेकिन नया रोग फोन से चिढ़न का है। .लगातार फोन देखने वालों को लगता है कि उनकी कई गंभीर समस्याओं की जड़ यही फोन है तो वे इससे घृणा करने लगते हैं। फोन की बात कोई करे तो भड़क जाते हैं। ऐसे 10 मामले मनोचिकित्सकों के पास पहुंचे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक ऐसे लोग स्क्रीन डिस्फोरिया के शिकार हैं।
कॉल्विन हॉस्पिटल स्थित मन कक्ष में स्क्रीन डिस्फोरिया के शिकार सभी 10 मामले युवाओं से ही जुड़े हैं। मनोचिकित्सक के साथ काउंसलिंग में मरीजों ने बताया है कि पहले उन्हें मोबाइल फोन की स्क्रीन देखने की लत थी, लेकिन अब बहुत उलझन होती है। सिर चकराने लगता है तो कभी आंसू गिरने लगते हैं। कुछ मामले तो उल्टी आने के भी सामने आए हैं।
हॉस्पिटल के मनोचिकित्सक डॉ. राकेश पासवान बताते हैं कि यह रोग मोबाइल फोन की लत के एकदम विपरीत है। इसमें युवाओं को मोबाइल से उलझन होने लगती है। इसके पीछे की वजह मोबाइल फोन को लेकर समाज और परिवार की टीका-टिप्पणियां होती हैं। कई बार बच्चे कुछ ऐसा आपत्तिजनक देख लेते हैं, जिसके कारण उनका बर्ताव बदल जाता है। इनका इलाज करते समय यह ख्याल भी रखना होता है कि कहीं वह फिर से फोन के लती न बन जाएं।