नोटबंदी का असर इलाहाबाद विकास प्राधिकरण की प्रस्तावित बहुमंजिला आवासीय योजनाओं पर भी दिख रहा है। एडीए ने बीते डेढ़ माह में तीन नई आवासीय योजनाएं लांच की, जबकि एक के लिए तीन माह से आवेदन लिए जा रहे हैं। इनमें विभिन्न श्रेर्णियों के 834 फ्लैटों का निर्माण होना है लेकिन नोटबंदी का असर ऐसा पड़ा है कि इसके लिए आवेदक ही नहीं आ रहे हैं। हालत यह है कि तीन योजनाओं में अब तक बमुश्किल 200 आवेदन आए हैं जबकि तीन माह पहले लांच की गई योजना में मात्र 41 आवेदन आए हैं।
निजी अपार्टमेंट की तुलना में मध्यम और निम्न आय वालों की पहली पसंद एडीए के फ्लैट ही होते हैं। यही कारण है कि तृतीय, चतुर्थ श्रेणी के सरकारी एवं गैर सरकारी कर्मचारी, शिक्षक, जैसे तबके के लोग इन फ्लैटों को तरजीह देते हैं। ऐसा इसलिए भी कि बैंकों से आसानी से ऋण भी मिल जाता है, लेकिन नोटबंदी के बाद स्थिति ऐसी हो गई है, जैसे अब लोगों को आशियाने की आवश्यकता ही नहीं है। एडीए ने दिसंबर के शुरू में शांतिपुरम आवास योजना में 522 फ्लैटों वाली आनंद विहार बहुमंजिला आवास योजना लांच की। इसमें इसमें टू बीएचके प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के 366 तथा थ्री बीएचके प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के कुल 156 फ्लैटों का निर्माण होना है। इसके लिए अब तक करीब 90 आवेदन आए हैं।
इसी तरह नैनी में 48 फ्लैटों वाला आजाद अपार्टमेंट बनाने के लिए तैयारी है। इसमें सरल श्रेणई के 16 एवं सहज श्रेणी के 32 फ्लैट तथा इसी योजना में 96 फ्लैटों वाली जांह्नवी आवास योजना लांच की गई, जिसमें सरल एवं सहज श्रेणई के 48-48 फ्लैटों का निर्माण होना है। इन दोनों योजनाओं के लिए अब तक लगभग 60 आवेदन आए हैं। सबसे खराब स्थिति नूरुल्ला रोड स्थित परिमल आवास योजना की है, जहां टू बीएचके के 168 फ्लैटों का निर्माण होना है। यह योजना करीब तीन माह पहले लांच की गई लेकिन इसमें मात्र 41 आवेदन आए हैं। इसकी वजह से आवेदन करने की तिथि लगातार बढ़ाई जा रही है। अब परिमल समेत अन्य तीनों योजनाओं के लिए आवेदन की तिथि 31 दिसंबर निर्धारित की गई है।