कीडगंज में मासूम अंश(10) की अपहरण के बाद हत्या के दोनों आरोपी जेल भेज दिए गए। अब पुलिस घटना में प्रयुक्त कार व स्कूटी की तलाश में जुटी है। दरअसल, अब तक दोनों वाहनों की बरामदगी नहीं हो पाई है, जो घटना का अहम साक्ष्य हैं। बहुत पूछताछ के बाद भी आरोपियों से वाहनों के संंबंध में राज नहीं उगलवाया जा सका।
पुलिस ने इस मामले में योगेंद्र गुप्ता उर्फ पम्मी निवासी बैरहना व शनि सिंह निवासी सरायइनायत को गिरफ्तार किया था। दोनों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया। उन्होंने पूछताछ में कई बातों का खुलासा किया। बताया कि घटना की प्लानिंग उन्होंने पहले ही कर ली थी और लगातार फोन से संपर्क में भी थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उन्होंने ही यह खुलासा किया कि बच्चे को पहले पम्मी स्कूटी से ले गया और फिर रास्ते में शनि के साथ मिलकर उसे कार में बैठा लिया। फिलहाल, बहुत पूछताछ के बाद भी यह नहीं पता चल सका कि घटना में प्रयुक्त दोनों वाहन उनके या किसी और के थे? पुलिस का कहना है कि इस संबंध में कोर्ट से अनुमति लेकर उनका बयान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद पता चलेगा कि वाहन किसके थे और वारदात के बाद इन्हें कहां रखा गया। कीडगंज प्रभारी दीपा सिंह ने बताया कि वाहनों का पता लगाया जा रहा है।
स्कूटी पर नहीं था नंबर
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि स्कूटी पर नंबर नहीं था। सीसीटीवी फुटेज में इस बात का खुलासा हुआ है। पुलिस ने जब स्कूटी पर नंबर न होने की बाबत पूछताछ की तो पम्मी गोलमोल जवाब देता रहा। सवाल यह भी है कि स्कूटी का रजिस्ट्रेशन हुआ ही नहीं था या वारदात के लिए आरोपियों ने उस पर लगी नंबर प्लेट हटा दी?