मो. तारूक।
- फोटो : अमर उजाला।
बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) की फर्जी डिग्री बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना मोहम्मद तारूक को एसटीएफ ने शुक्रवार की रात करेली से गिरफ्तार किया। उसकी क्लीनिक सावित्रीबाई फुले मेडिकल रिसर्च सेंटर में छापेमारी कर टीम ने विभिन्न मेडिकल कॉलेजों की 68 डिग्री, एक कंप्यूटर, पेन ड्राइव और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
मिर्जापुर के थाना जिगना के गांव बीडई बिहसड़ा निवासी ब्रह्मानंद के क्लीनिक में एक मरीज की मौत के बाद बीएएमएस की डिग्री फर्जी होने की पुष्टि हुई थी। जांच में करेली के जीटीबी नगर के मोहम्मद तारूक का नाम सामने आया था। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने शुक्रवार रात करेली स्थित मोहम्मद तारुक की क्लीनिक पर छापेमारी कर आरोपी को धर दबोचा।
आरोपी से पूछताछ में पता चला कि वह उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के विभिन्न मेडिकल संस्थानों की बीएएमएस की फर्जी मार्कशीट व डिग्री बनाकर लोगों से अवैध कमाई करता था। ब्रह्मानंद से छह लाख रुपये लेकर जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध आजमगढ़ बिजरवा स्थित शिवालिक आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की फर्जी मार्कशीट व डिग्री दी थी। पूछताछ के आधार पर गिरोह के शामिल अन्य सदस्यों का भी एसटीएफ पता लगाने में जुटी है।
छह से दस लाख में बेचता था फर्जी डिग्री
आरोपी ने बताया कि इससे पूर्व भी कई लोगों को फर्जी मार्कशीट व डिग्री बनाकर दे चुका है। प्रति व्यक्ति छह से दस लाख रुपये लेता था। वह खुद और पत्नी राशिदा परवीन के नाम भी इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रो होमियोपैथी मेडिकल रिसर्च डेवलपमेंट ऑफ इंडिया की फर्जी मार्कशीट व सर्टिफिकेट बनाकर क्लीनिक चलता है। टीम ने आरोपी को करेली थाने को सौंपते हुए एफआईआर दर्ज कराई है।